By निधि अविनाश | Nov 22, 2021
सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा भारतीय वासुसेना के ग्रुप कप्तान अभिनंदन वर्धमान को वीर चक्र से सम्मानित किया गया। इस सम्मान के साथ ही अभिनंदन उन बहादुर सैनिकों के लिस्ट में शामिल हो गए हैं, जिन्हें उनकी बहादुरी के लिए सम्मानित किया गया था। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में अभिनंदन को यह पुरस्कार प्रदान किया गया।
जानिए अभिनंदन वर्धमान के बारे में
भारतीय वासुसेना के ग्रुप कप्तान अभिनंदन वर्धमान राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र हैं। वह एक कुशल सुखोई-30 लड़ाकू पायलट भी थे।साल 2019 में बालाकोट एयरस्ट्राइक के दौरान पाकिस्तानी सीमा में अभिनंदन का विमान क्रैश हो गया था और उन्हें बंदी बना लिया था। भारत के दबाव के बाद अभिनंदन को 60 घंटे बाद छोड़ा गया था। वर्धमान की रिहाई की घोषणा को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शांति का संकेत बताया था।
38 साल के वर्धमान शादीशुदा है और उनके 2 बच्चे भी हैं। तामिलनाडु के तिरुवन्नामलाई जिले के रहने वाले अभिनंदन वर्धमान ने अपनी शिक्षा दिल्ली में पूरी की। उस दौरान वर्धमान के पिता भी भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी - राजधानी में तैनात थे। वर्धमान के पिता एयर मार्शल सिंहकुट्टी वर्थमान ने 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वहीं वर्धमान की मां शोभा एक डॉक्टर हैं। अभिनंदन वर्धमान तमिलनाडु के सैनिक स्कूल अमरावतीनगर के पूर्व छात्र भी हैं।