जानिए कितने प्रकार के VISA होते हैं और टूरिस्ट वीजा पर धार्मिक गतिविधियों की क्यों नहीं है इजाजत?

By अभिनय आकाश | Apr 04, 2020

किसी भी दूसरे देश से आने वाले व्यक्ति के लिए वी़जा एक तरह का परमीसन लेटर होता है जो कि आपको ये परमिट करता है कि आप उस देश में रह सकते हैं। लेकिन वो आपके वीजा पर निर्भर करता है कि आप कितने दिन दूसरे देश में रह सकते हैं या उस देश में आप क्या कर सकते हैं। वीजा कुल 19 प्रकार के होते हैं तो ये बताते हैं कि कौन से काम के लिए कौन सा वीजा लगेगा। सबसे पहले आपको वीजा की फुल फार्म बताते हैं-  विजिटर्स इंटरनेशनल स्टे एडमिशन। अगर आप भी किसी दूसरे देश में जाना चाहते हैं तो आपको भी वीजा की जरूरत पड़ेगी। लेकिन कुछ देश ऐसे भी हैं जहां वीजा की जरूरत नहीं होती है। कुछ वीजा ऐसे होते हैं जिससे आप कई देश में आ जा सकते हैं अकेले वीजा की मदद से उसे कामन वीजा कहते हैं। भारत भूटान और नेपाल के लोगों को बिना वीजा आने देता है लेकिन अपने देश की बजाए किसी दूसरे देश से भारत में आने पर इन लोगों को पासपोर्ट की जरूरत पड़ेगी।

जब कोई देश किसी विदेशी व्यक्ति को अपने देश में आने का अनुमति देता है उसी से संबंधित दस्तावेज को वीजा कहते हैं ज्यादातर तेज देश पासपोर्ट पर वीजा का मोहर लगाकर अपने देश में आने की अनुमति दे देते हैं मगर कुछ ऐसे भी देश हैं जहां जाने के लिए अलग से वीजा के लिए आवेदन करना पड़ता है।

इसे भी पढ़ें: तबलीगी जमात से जुड़े 360 विदेशियों को काली सूची में डालने की प्रक्रिया शुरू : गृह मंत्रालय

वीजा कितने प्रकार के होते हैं इसके बारे में आपको बताते हैं। 

राजनयिक वीजाः अन्य देशो के राजनयिक/अधिकारी/यूएन में काम करने वाले यूएन पासपोर्ट धारक या भारत में अंतरराष्ट्रीय संगठन के अधिकारी और उनके जीवन साथी/बच्चे, जिनके पास भी किसी भी प्रकार का पासपोर्ट है तो उन्हें राजनयिक/अधिकारी वीजा प्रदान किया जाता है।

ट्रांजिट वीजा: यह वीजा ज्यादा से ज्यादा पांच दिनों के लिए वैलिड होता है। इसे उस हालत में जारी किया जाता है जब किसी व्यक्ति को किसी तीसरे देश से होकर गुजरना होता है।

इसे भी पढ़ें: कोरोना वायरस फैलाने के लिए धार्मिक अल्पसंख्यकों को जिम्मेदार ठहराना ‘गलत

ऑन-अराइवल वीजा: यह किसी देश में एंट्री के वक्त तुरंत जारी किया जाता है। हालांकि इसके लिए पहले से वीजा होना भी जरूरी है क्योंकि आपकी कंट्री का इमिग्रेशन डिपार्टमेंट फ्लाइट में बोर्ड करने से पहले ही उसे चेक करता है।

टूरिस्ट वीजा: यह वीजा सिर्फ घूमने-फिरने के लिए जारी किया जाता है। इस वीजा को लेकर अगर किसी देश में जाते हैं तो आप किसी तरह की बिजनेस ऐक्टिविटीज से नहीं जुड़ सकते। कुछ देश टूरिस्ट वीजा जारी नहीं करते। सऊदी अरब ने टूरिस्ट वीजा 2004 से देने शुरू किए। हालांकि इसके पहले वह हज यात्रियों के लिए तीर्थस्थल वीजा जारी करता था। 

रोजगार वीजा: यह वीजा एक साल के लिए दिया जाता है। यह ऐसे व्यक्ति को दिया जाता है, जिसे भारत में किसी कंपनी, संगठन, उद्योग, द्वारा अनुबंध या रोजगार के आधार पर एक वरिष्ठ स्तर के तकनीकी विशेषज्ञ, वरिष्ठ कार्यकारी, प्रबंधकीय पद पर नियुक्त किया गया है।

छात्र वीजा: यह वीजा 5 साल के लिए या पाठ्यक्रम की अवधि तक के लिए दिया जाता है। इसके लिए आवेदक को एक मान्यता प्राप्त/प्रतिष्ठित शैक्षिक संस्थान में प्रवेश और वित्तीय सहायता का प्रमाण प्रस्तुत करना होता है।

इसे भी पढ़ें: कोरोना वायरस जितनी ही विषाक्त है यह तब्लीगी मानसिकता

व्यापार वीजा: यह वीजा 5 साल के लिए मान्य होता है। यह औद्योगिक/व्यावसायिक उद्यम स्थापित करने या भारत में औद्योगिक/व्यावसायिक उद्यम स्थापित करने की संभावनाओं का पता लगाने के लिए या औद्योगिक/वाणिज्यिक उत्पादों को खरीदने/बेचने वाले लोगों को दिया जा सकता है।

सम्मेलन/संगोष्ठी वीजा: अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों या सेमिनार में जाने के लिए वीजा दिया जाता है, बशर्ते ये सम्मेलन या सेमिनार सरकारी निकायों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, सरकारी सहायता प्राप्त निकायों और गैर सरकारी संगठनों द्वारा आयोजित किए जाते हों।

अनुसंधान वीजा: देश में किसी भी तरह का अनुसंधान करने के लिए यह वीजा 3 साल के लिए या अनुसंधान की अवधि तक के लिए दिया जाता है, लेकिन कुछ राष्ट्रीयताओं को छोड़कर और भारत मे "प्रतिबंधित" या "संरक्षित" क्षेत्रों या ऐसे क्षेत्र में, जो उग्रवाद, आतंकवाद और दहशत आदि से प्रभावित हैं, अनुसंधान के लिए यह वीजा नहीं दिया जाता। 

इसे भी पढ़ें: तबलीगी जमात से जुड़े 360 विदेशियों को काली सूची में डालने की प्रक्रिया शुरू : गृह मंत्रालय

यूनिवर्सल वीजा: यूनिवर्सल वीजा जीवन भर के लिए दिया जाता है। यह ऐसे लोगों को दिया जाता है, जिनके पास भारत का विदेशी नागरिकता(ओसीआई) कार्ड होता है। यूनिवर्सल वीजा का धारक भारत में शिक्षा, व्यापार या नौकरी कर सकता है और उन्हें एफआरआरओ/पुलिस विभाग में पंजीकरण कराने की भी आवश्यकताओं नहीं होती।

मैरिज वीजा: यह वीज़ा एक निश्चित समय के लिए जारी किया जाता है और सिर्फ दो अलग़ देशों के लोगों के बीच होने वाली शादी के लिए ही इसको प्रदान किया जाता। अगर लड़का लड़की के देश में जाता है तो उसको उस देश की एम्बसी में जा कर वीजा के लिए अप्लाई करना होगा। 

इसे भी पढ़ें: WHO की एक रिपोर्ट में खुलासा, ऐसे फैलता है खतरनाक कोरोना वायरस

पार्टनर वीजा: अगर कोई शादीशुदा जोड़ा अलग-अलग देश में रहता है और दोनों में से कोई भी अपने जीवन साथी को अपने पास बुलाता है तो उसके पार्टनर को 'पार्टनर वीज़ा' दिया जाता है।

इमिग्रेंट वीजा: यह उस समय दिया जाता है जब कोई शख्स किसी दूसरे देश में स्थायी रूप से बसना चाहता है। यह वीजा पाना बहुत ही मुश्किल होता है | यह तब दिया जाता है, जब दूसरा देश इमिग्रेशन देने के लिए तैयार है।

इसे भी पढ़ें: लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ करेंगे सख्त कार्रवाई: गौतमबुद्धनगर डीएम

 टूरिस्ट वीजा पर नहीं है धार्मिक गतिविधियों की अनुमति

सभी देश अपने पर्यटन को बढ़ावा देते हैं। इसलिए टूरिस्ट वीजा पर आनेवालों पर अधिक सख्ती नहीं बरती जाती। इसी फायदा उठाया जाता है।  निजामुद्दीन मरकज में ठहरे ज्यादातर विदेशियों में देश के कानून के साथ खिलवाड़ का मामला सामने आया जब इन विदेशियों ने टूरिस्ट वीजा लेकर धार्मिक गतिविधि में हिस्सा लिया, जबकि देश के कानून के मुताबिक, अगर कोई विदेशी किसी धार्मिक गतिविधि में शामिल होने के लिए आता है, तो उसे मिशनरी वीजा लेना होता है। इसके साथ ही उस व्यक्ति को कई कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना होता है। जैसे- दिल्ली या देश के किसी भी शहर में पहुंचने के बाद जिन धार्मिक गतिविधियों में भाग लेना होता है, उसकी हर रोज की जानकारी जिले के फॉरनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) और लोकल पुलिस को देनी होती है। अगर कोई ऐसा नहीं करता है तो उसे देश छोड़कर जाने में मुश्किल आती है और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है।

प्रमुख खबरें

RCB की ओपनिंग जोड़ी पर फिर टिकी निगाहें, नेट्स में Phil Salt को बॉलिंग कराते दिखे Kohli

Cyprus में Chess Tournament पर बड़ा विवाद, FIDE के दावों के बीच Koneru Humpy ने नाम वापस लिया

Kylian Mbappe Injury: Real Madrid की मेडिकल टीम की बड़ी लापरवाही, गलत घुटने का होता रहा इलाज

हवाई सफर होगा और महंगा! IndiGo ने दी चेतावनी, बढ़ते Fuel Price से आपकी जेब पर पड़ेगा बोझ।