By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 23, 2026
उत्तर कोलकाता में चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल का एक हिस्सा गिर जाने की घोषणा कर कथित तौर पर अफरा-तफरी फैलाने के आरोप में शुक्रवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। इन गिरफ्तारियों के साथ ही भगदड़ मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है।
सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान उनकी पहचान हुई। हमने आज सुबह मजूमदार को गिरफ्तार किया और पूछताछ के लिए पुलिस मुख्यालय ले गए। जरूरत पड़ने पर हम दोनों से एक साथ पूछताछ कर सकते हैं।’’ पुलिस के अनुसार, संजीब राहा चोरबागान दुर्गा पूजा समिति का कोषाध्यक्ष भी था।
राहा और मजूमदार दोनों कोलकाता की अमर बसु सरणी के निवासी हैं। उनका घर पूजा स्थल से महज 50 मीटर दूर है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि राहा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और उसे आज अदालत में पेश किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हम अब भी उन घटनाओं की कड़ियां जोड़ रहे हैं, जिनके कारण भगदड़ मची। सीसीटीवी फुटेज में दोनों लोगों को घोषणाएं करते हुए देखा गया। वे लोगों को आगाह कर रहे थे कि पंडाल गिर रहा है और आगंतुकों से तुरंत वहां से निकलने को कह रहे थे।
ऐसा लगता है कि इन घोषणाओं से दहशत फैल गई और लोग बाहर निकलने के रास्ते की ओर तेजी से बढ़ने लगे।’’ पुलिस अधिकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर को हुई घटना के बाद से राहा फरार था और उसने अपना मोबाइल बंद कर लिया था। उन्होंने बताया कि जांचकर्ताओं ने आठ संदिग्ध मोबाइल नंबरों का पता लगाया जिनका इस्तेमाल कर राहा परिवार के सदस्यों और दोस्तों से संपर्क करने की कोशिश कर रहा था। अधिकारी के अनुसार इससे उसे ढूंढने में मदद मिली।
सरकार ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के परामर्श से छह सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया है। यह दल भगदड़ के कारणों की जांच करेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय सुझाएगा।