By Ankit Jaiswal | Mar 24, 2026
भारत की दिग्गज खिलाड़ी कोनेरू हंपी ने साइप्रस में होने वाले कैंडिडेट्स टूर्नामेंट से हटने का निर्णय लिया है और अपने रुख पर पूरी तरह कायम हैं।
हंपी का साफ कहना है कि युद्धपोतों और सैन्य गतिविधियों के बीच घिरे माहौल में शांत दिमाग से खेलना संभव नहीं है। उनका कहना है कि एक विदेशी खिलाड़ी और महिला होने के नाते ऐसे माहौल में यात्रा करना और खेलना सहज नहीं लगता है। उन्होंने यह भी साफ किया कि वह किसी तरह की आर्थिक सजा से डरकर फैसला बदलने वाली नहीं हैं और वह सिर्फ पैसों के लिए खेल नहीं खेलती हैं।
गौरतलब है कि इस टूर्नामेंट में कुल 16 खिलाड़ी भाग लेने वाले हैं, जिनमें आठ पुरुष और आठ महिला खिलाड़ी शामिल हैं। हंपी इस प्रतियोगिता से हटने वाली एकमात्र खिलाड़ी हैं और उनकी जगह यूक्रेन की ग्रैंडमास्टर अन्ना मुजिचुक को शामिल किया गया है।
हंपी ने यह भी बताया कि उन्होंने इस प्रतियोगिता के लिए करीब तीन महीने तक कड़ी तैयारी की थी और इस दौरान वह अपने परिवार, खासकर अपनी बेटी को समय नहीं दे सकीं। ऐसे में यह फैसला उनके लिए आसान नहीं रहा, लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इसे जरूरी समझा।
उन्होंने यह भी कहा कि आयोजकों के पास विकल्प थे कि या तो प्रतियोगिता को कुछ समय के लिए टाल दिया जाता या किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर आयोजित किया जाता। उनके अनुसार, एक महीने का इंतजार करने से हालात बेहतर हो सकते थे और खिलाड़ियों के लिए जोखिम भी कम हो जाता।
बताते चलें कि हंपी ने यह भी संकेत दिया कि अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ के कुछ पदाधिकारियों से उनकी बातचीत हुई, लेकिन उन्होंने इस पर ज्यादा टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने यह भी कहा कि उनका फैसला पूरी तरह व्यक्तिगत है और उन्हें अपने परिवार का पूरा समर्थन मिला है।
हंपी ने साफ तौर पर यह भी कहा कि सिर्फ इसलिए कि बाकी खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, इसका मतलब यह नहीं कि परिस्थितियां सही हैं। उनका मानना है कि ऐसे माहौल में टूर्नामेंट कराना जरूरी नहीं था और खिलाड़ियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी।