By अंकित सिंह | Sep 30, 2026
गंडक नदी बेसिन के नेपाल वाले हिस्से में कम समय में हुई भारी बारिश की वजह से अचानक ज़बरदस्त बाढ़ आ गई है, जिससे बिहार और उत्तर प्रदेश के निचले इलाकों वाले ज़िलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सोमवार देर रात नारायणी नदी के किनारे बने AP तटबंध के कारण तीन दर्जन से ज़्यादा गाँव जलमग्न हो गए। नारायणी नदी के किनारे बना AP तटबंध (जिसे अहिरौली दान से पिपरासी खास तटबंध के नाम से भी जाना जाता है) उत्तर प्रदेश के कुशीनगर ज़िले की तमकुही राज तहसील में आता है। अधिकारियों ने बताया कि छह से ज़्यादा गांवों के लगभग 20,000 लोग प्रभावित हुए हैं और नुकसान का सही अंदाज़ा अभी लगाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने विस्थापित परिवारों से बातचीत की और ऊंचे स्थानों पर ठहराए गए लोगों को ज़रूरी राहत सामग्री बांटी, जिसमें चावल, आटा, दाल और आलू जैसी खाने की मुख्य चीज़ें शामिल थीं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बचाव और राहत कार्यों के लिए NDRF की दो और SDRF की दो टीमें तैनात की गई हैं। संकट की इस घड़ी में, BJP सरकार उन सभी लोगों के साथ खड़ी है जो इससे प्रभावित हुए हैं। प्रभावित परिवारों को मदद मिलनी शुरू हो गई है; हमने 10 किलो चावल, आटा और आलू के साथ-साथ 2 किलो दाल और अन्य सामान भी उपलब्ध कराए हैं।
कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए योगी ने घोषणा की कि बाढ़ में जान गंवाने वालों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के घर बारिश और बाढ़ के कारण पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत नए घर दिए जाएंगे, जबकि आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों की मरम्मत के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फसल के नुकसान का आकलन पूरा करने और प्रभावित किसानों को 10 दिनों के भीतर मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए 5,000 खाने के पैकेट का इंतज़ाम किया है, जिनमें चावल, आटा, आलू, दाल, चना, तेल, मसाले, नमक और दूसरी ज़रूरी चीज़ें शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि सुरक्षित जगहों पर ले जाए गए लोगों को तुरंत राहत कैंपों में पहुँचाया जाए और कैंपों में रोशनी का उचित इंतज़ाम किया जाए।
वर्तमान में देखे को पूरी सरकार संकट की इस घड़ी में प्रभावित लोगों के सहयोग के लिए खड़ी है। जनप्रतिनिधि भी राहत और बचाव कार्य में प्रशासन का सहयोग कर रहे है। मंत्री से लेकर अधिकारी तक पहुंच रहे है। लगातार कई बड़े ऐलान हो रहे है। हालांकि, लोगों तक यह कितना पहुंच पा रहा है, इसको लेकर फिलहाल कोई आंकड़ा नहीं है। लेकिन अगले साल होने वाले चुनाव को देखते हुए सरकार की सक्रियता बढ़ी हुई है।