By रेनू तिवारी | Nov 02, 2026
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार को राजनीतिक सरगर्मियों के बीच एक अनूठा और चर्चित नजारा देखने को मिला। ‘लाल हिट जनता पार्टी’ ने राजघाट से रामलीला मैदान तक एक विशाल समर्थन मार्च का आयोजन किया, जिसका मुख्य आकर्षण ‘मोदी जी कहीं नहीं जा रहे ब्रो’ (Modi Ji Kahin Nahi Jaa Rahe Bro) का नारा रहा। पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इस मार्च में लगभग 200 कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने हिस्सा लिया।
बयान के अनुसार, मार्च का नेतृत्व लाल हिट जनता पार्टी के संस्थापक एवं संयोजक अयान भटनागर ने किया। इसमें शामिल लोग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समर्थन में बैनर, पोस्टर और तख्तियां लेकर चल रहे थे। इन पर देश के विकास और संवैधानिक मूल्यों को लेकर उनके विचार भी प्रदर्शित किए गए थे। बयान में कहा गया है कि मार्च का उद्देश्य पार्टी के ‘राष्ट्र प्रथम’ संदेश, देश के विकास के एजेंडे के प्रति समर्थन और संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को लोगों तक पहुंचाना था।
इसमें यह भी कहा गया है कि मार्च कांग्रेस के प्रति पार्टी के राजनीतिक विरोध को दर्शाता है। इसमें शामिल लोगों ने प्रधानमंत्री और देश के विकास को लेकर बनाए जा रहे राजनीतिक विमर्श पर चिंता जताई। बयान के अनुसार, मार्च राजघाट से शुरू हुआ और रामलीला मैदान में समाप्त हुआ। पार्टी ने शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक भागीदारी, जन जागरूकता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कांग्रेस और विपक्षी विमर्श का राजनीतिक विरोध
आधिकारिक बयान में इस बात पर भी जोर दिया गया कि यह मार्च भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और विपक्षी दलों की राजनीति के प्रति लाल हिट जनता पार्टी के कड़े विरोध को दर्शाता है। मार्च में शामिल समर्थकों ने विपक्षी दलों द्वारा प्रधानमंत्री और देश की विकास यात्रा को लेकर बनाए जा रहे नकारात्मक राजनीतिक विमर्श पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की। नेताओं का कहना था कि लोकतंत्र में आधारहीन आरोपों के बजाय विकास और सकारात्मक नीतियों पर चर्चा होनी चाहिए।
राजघाट से रामलीला मैदान तक का सफर
महात्मा गांधी के समाधि स्थल 'राजघाट' से शुरू होकर यह मार्च राष्ट्रीय राजधानी के ऐतिहासिक 'रामलीला मैदान' पर समाप्त हुआ। यात्रा के समापन पर लाल हिट जनता पार्टी ने शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक भागीदारी, जन जागरूकता अभियान और देश के संवैधानिक मूल्यों के प्रति अपनी निष्ठा को एक बार फिर दोहराया। इस मार्च ने राजधानी के राजनीतिक गलियारों में यह संदेश देने का प्रयास किया है कि विपक्षी प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री मोदी के विकास एजेंडे के समर्थक भी सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज मुखर करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।