By रेनू तिवारी | Nov 02, 2026
राष्ट्रीय राजधानी के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन द्वारा आयोजित 'चलो दिल्ली' महारैली के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा हमला बोला है। भाजपा ने रविवार को विपक्षी गठबंधन की इस रैली को पूरी तरह से 'फ्लॉप शो' करार दिया और दावा किया कि रैली में 40 प्रतिशत से अधिक मैदान खाली पड़ा था। इसके साथ ही, भाजपा ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर चौतरफा हमला बोलते हुए उन्हें एक 'अवैध नेता प्रतिपक्ष' (Illegal Leader of Opposition) करार दिया, क्योंकि राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों की वैधता पर ही सवाल खड़े कर दिए थे।
संबित पात्रा ने कहा, "आप पीछे देख सकते हैं कि रामलीला मैदान का 40 प्रतिशत हिस्सा खाली था। राहुल गांधी और उनकी टीम ने दावा किया था कि 10 लाख लोग आएंगे। वहां लगाई गई 28,000 कुर्सियों में से लगभग 5,000 से 7,000 कुर्सियां दोपहर 3:30 से 4 बजे के बीच खाली थीं। कांग्रेस के 10 लाख लोगों के आने के दावे की यही सच्चाई है।"
'अगर कोई चुनाव अवैध है, तो उसे अदालत में चुनौती दें। राहुल गांधी, कांग्रेस या INDIA गठबंधन की किसी भी पार्टी द्वारा 2024 के चुनाव को चुनौती देने वाली कोई एक भी याचिका मुझे दिखाएं।' उन्होंने कहा, "आप रामलीला मैदान में ढाई साल बाद किसी चुनाव को अवैध घोषित नहीं कर सकते।" ओडिशा के पुरी से लोकसभा सांसद पात्रा ने राहुल पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत उनके 'अब्बू जान' का नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि कोई व्यक्ति अपनी मेहनत और पसीने से प्रधानमंत्री बनता है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष कई पार्टियों और झंडों को एक साथ लाने के बावजूद रविवार के मार्च के लिए 10 लाख लोगों को इकट्ठा नहीं कर सका। पात्रा ने जोर देकर कहा कि इस तरह के हथकंडे अपनाकर कोई प्रधानमंत्री नहीं बन सकता। उन्होंने आगे कहा कि 'झूठे आरोपों' के जरिए 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन को जनता का समर्थन नहीं मिलेगा। बीजेपी नेता ने कहा, "यह भारत, भारत के लोगों का है। इस लोकतंत्र में एक चाय बेचने वाला भी प्रधानमंत्री बन सकता है और एक आम इंसान गृह मंत्री बन सकता है।"
उन्होंने आगे कहा, "और यही बात आपको परेशान करती है। राहुल गांधी जी, न तो आप शिव हैं और न ही वह अराजकता, जिसमें आप भारत को धकेलना चाहते हैं, कोई 'शिव जी की बारात' है। यह शिव जी की बारात नहीं है। यह तो बस अराजकता का एक तमाशा है।"