By अंकित सिंह | Jul 18, 2025
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के खिलाफ केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा जाँचे जा रहे ज़मीन के बदले नौकरी घोटाले में चल रही निचली अदालती कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने इस चरण में सुनवाई प्रक्रिया में हस्तक्षेप न करने का फैसला करते हुए उनकी याचिका का निपटारा कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट द्वारा अब तक की गई किसी भी टिप्पणी का मामले के गुण-दोष पर कोई असर नहीं पड़ेगा। साथ ही, लालू यादव को फिलहाल निचली अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट दे दी। इससे पहले 29 मई को, दिल्ली उच्च न्यायालय ने मुकदमे पर रोक लगाने का कोई ठोस कारण नहीं पाया था और यादव की याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया था। अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी। इस घटनाक्रम का मतलब है कि लालू प्रसाद यादव ज़मीन के बदले नौकरी मामले में मुकदमे का सामना करते रहेंगे, जबकि दिल्ली उच्च न्यायालय उनके आरोपों को खारिज करने के अनुरोध पर विचार कर रहा है।