By Ankit Jaiswal | Oct 22, 2026
अमेरिका के कैलिफोर्निया में अरबपतियों पर एक बार 5% संपत्ति टैक्स लगाने के प्रस्ताव ने अमीर कारोबारियों के बीच हलचल बढ़ा दी है। गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज ने राज्य से अपना कारोबारी और निजी जुड़ाव कम करना शुरू टैक्स दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो कैलिफोर्निया छोड़ने वाले अरबपतियों में पेज सबसे अमीर तकनीकी कारोबारी होंगे। उनके जाने से राज्य को मिलने वाले संभावित टैक्स राजस्व पर बड़ा असर पड़ सकता है।
फॉर्च्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, पेज ने पिछले साल के आखिर में कैलिफोर्निया में अपनी कारोबारी गतिविधियां समेटनी शुरू कर दी थीं। उनकी पारिवारिक निवेश कंपनी कूप को कैलिफोर्निया से हटाटैक्स दिसंबर के आखिर में डेलावेयर में पंजीकृत कराया गया। इसके अलावा फ्लू लैब एलएलसी, वन एयरो और ओशियनकाइंड जैसी उनसे जुड़ी कंपनियों ने भी इसी महीने अपना पंजीटैक्सण कैलिफोर्निया से डेलावेयर में स्थानांतरित कर लिया।
इसी दौरान पेज ने फ्लोरिडा के मियामी में महंगी संपत्तियां भी खरीदीं। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने 2 आलीशान संपत्तियों पर कुल 173.4 मिलियन डॉलर खर्च किए। इनमें कोकोनट ग्रोव स्थित 11,855 वर्ग फुट की संपत्ति 101.5 मिलियन डॉलर में खरीदी गई, जबकि पास की दूसरी जमीन के लिए 71.9 मिलियन डॉलर चुकाए गए।
फॉर्च्यून के अनुमान के अनुसार, कैलिफोर्निया छोड़ चुके 4 प्रमुख कारोबारियों लैरी पेज, सर्गेई ब्रिन, पीटर थिएल और उबर के पूर्व प्रमुख ट्रैविस कलानिक पर इस प्रस्ताव के तहत कुल टैक्सीब 29 अरब डॉलर का टैक्स बन सकता था। यह प्रस्ताव से अनुमानित कुल कमाई के एक चौथाई से भी ज्यादा है। हालांकि, यह आंकड़ा अनुमान पर आधारित है और वास्तविक राजस्व प्रस्ताव के अंतिम स्वरूप तथा पात्रता के नियमों पर निर्भर करेगा।
दूसरी ओर, एनवीडिया के प्रमुख जेनसन हुआंग ने प्रस्ताव को लेटैक्स सहज होने की बात कही है। वहीं, दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क 2020 में ही टेक्सास जा चुके हैं। अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस भी 2023 के आखिर में सिएटल छोड़टैक्स मियामी चले गए थे। उन्होंने बाद में हंट्स पॉइंट स्थित अपना घर 63 मिलियन डॉलर में बेचा और मियामी में टैक्सीब 237 मिलियन डॉलर की संपत्ति में रहने लगे।
गौरतलब है कि अरबपतियों पर संपत्ति टैक्स लगाने का मुद्दा अमेरिका में लंबे समय से बहस का विषय रहा है। समर्थकों का मानना है कि इससे सरकारी सेवाओं के लिए बड़ी रकम जुटाई जा सकती है, जबकि विरोधियों को आशंका है कि ऐसे कदम से निवेश और कारोबार दूसरे राज्यों में जा सकते हैं। कैलिफोर्निया में इस प्रस्ताव का भविष्य तय होने के साथ यह बहस भी तेज हो गई है कि सरकार राजस्व बढ़ाने और बड़े कारोबारियों को राज्य में बनाए रखने के बीच संतुलन कैसे बनाएगी।