By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 11, 2017
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में सोमवार को अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकवादी हमले की आज कड़ी निंदा करते हुए इसमें मारे गये श्रद्धालुओं को कुछ पल का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। बजट सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल के बजट भाषण से पहले एक प्रस्ताव पेश करते हुए अनंतनाग में सोमवार को अमरनाथ यात्रियों के एक समूह पर हुए आतंकवादी हमले में सात श्रद्धालुओं के मारे जाने की निन्दा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अनंतनाग की घटना के बाद रात में ही गृह विभाग की एक बैठक की है। सावन एक पवित्र माह है। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिवालयों, ज्योतिर्लिंगों में जलाभिषेक करते हैं। उत्तर प्रदेश में भी लाखों श्रद्धालु धार्मिक आयोजनों में शामिल होते हैं। राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी करते हुए सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं के लिए हर सम्भव मदद की व्यवस्था की है। इस सम्बन्ध में कांवड़ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से भी अपील की गयी है।
सदन में सपा और विपक्ष के नेता रामगोविन्द चौधरी ने मुख्यमंत्री की भावनाओं से खुद को जोड़ते हुए कहा कि वह अमरनाथ यात्रियों पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निन्दा करते हैं। धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाना कहीं भी क्षम्य नहीं है। श्रद्धालुओं पर हुआ कायरतापूर्ण हमला आतंकवादियों के साथ-साथ हम लोगों के लिये भी चुनौती है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सदन में पक्ष, विपक्ष और पूरी जनता श्रद्धालुओं के साथ खड़ी है। आतंकवादियों ने यह हमला कर देश की धार्मिक भावनाओं पर जो घात किया, उसकी जितनी कठोर निन्दा की जाए कम है। देश में आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता बनती जा रही है लेकिन फिर भी आतंकवादियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। चौधरी ने कहा कि देश को आतंकवाद के खिलाफ दलीय भावनाओं से उठकर एकजुट होना चाहिये। ‘‘मैं अपने दल और पूरे विपक्ष की तरफ से कल के आतंकवादी हमले में मारे गये अथवा घायल हुए अमरनाथ यात्रियों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।’’
विधानसभाध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि जो प्रस्ताव मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष ने सदन में रखा है, उससे पूरे सदन को जोड़ते हुए वह शोक संतप्त परिवारों को इस सदन की भावनाएं प्रषित करेंगे। बाद में सभी सदस्यों ने अनंतनाग की घटना में मारे गये श्रद्धालुओं को कुछ पलों का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।