By अंकित सिंह | Aug 05, 2024
आम आदमी पार्टी और दिल्ली में उसके नेतृत्व वाली सरकार के लिए सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। एक ओर जहां उसके वरिष्ठ नेताओं की एक फौज जेल में बंद है तो वहीं दूसरी ओर धीरे-धीरे संसकार से ताकत दूर होती दिखाई दे रही है। पार्टी को तब और बड़ा झटका लगा जब दिल्ली हाई कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को राहत न देते हुए उत्पाद शुल्क नीति मामले में सीबीआई द्वारा उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली आज का खारिश कर दी। इतना ही नहीं, हाई कोर्ट ने केजरीवाल को ट्रायल कोर्ट जाने की भी नसीहत दे दी।
दिसंबर 2022 में ‘आप’ ने नगर निगम चुनाव में 134 वार्ड में जीत के साथ एमसीडी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 15 साल के शासन को समाप्त कर दिया था। भाजपा ने 104 सीट जीती थीं, जबकि कांग्रेस नौ सीट के साथ तीसरे स्थान पर रही थी। इस पर आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि यह फैसला भारत के लोकतंत्र के लिए एक बहुत बड़ा झटका है। एक चुनी हुई सरकार को Bypass करके सारे अधिकार LG को दिए जा रहे हैं, ये भारत के संविधान और लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। इस मामले की सुनवाई के दौरान माननीय जजों की टिप्पणी इस फ़ैसले के विपरीत थी। ये फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से हम पूरे आदर के साथ असहमत हैं।
दिल्ली की मंत्री आतिशी ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश से सम्मानपूर्वक असहमत हैं। क्योंकि अगर एक चुनी हुई सरकार को दरकिनार कर दिया जाता है और एक नामित व्यक्ति निर्णय लेता है तो यह लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में ‘एल्डरमैन’ नामित करने का अधिकार उपराज्यपाल के पास बरकरार रखने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का सोमवार को स्वागत किया और कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) ने उपराज्यपाल के हर काम पर सवाल उठाने की आदत बना ली है। भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उपराज्यपाल एमसीडी में ‘एल्डरमैन’ नामित करने के अधिकार का इस्तेमाल दशकों से कर रहे हैं।