By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 29, 2026
राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने कार्यकर्ता मेधा पाटकर द्वारा दायर 25 साल पुराने मानहानि मामले में दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना को बृहस्पतिवार को बरी कर दिया और कहा कि शिकायतकर्ता अपने आरोपों को साबित करने में नाकाम रहीं।
पाटकर और सक्सेना के बीच वर्ष 2000 से ही कानूनी विवाद चल रहा था। पाटकर ने उनके और नर्मदा बचाओ आंदोलन के खिलाफ विज्ञापन प्रकाशित कराने के लिए सक्सेना के विरुद्ध मुकदमा दायर किया था।
उस समय अहमदाबाद स्थित काउंसिल फॉर सिविल लिबर्टीज नामक एक गैर सरकारी संगठन के प्रमुख रहे सक्सेना ने भी 2001 में पाटकर के खिलाफ दो मुकदमे दायर किए थे और आरोप लगाया था कि पाटकर ने उनके खिलाफ एक टीवी चैनल पर अपमानजनक टिप्पणी की है और प्रेस में मानहानिकारक बयान जारी किए।