By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 03, 2026
नयी दिल्ली, तीन अगस्त सरकार ने सोमवार को संसद को बताया कि जीवन बीमा कंपनियों द्वारा दिए जाने वाले कुल लाभ में सरेंडर (पॉलिसी समय से पहले बंद करना) और निकासी (पैसे निकालना) की हिस्सेदारी 2021-22 के 32 प्रतिशत से बढ़कर 2025-26 में 39 प्रतिशत हो गई है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि यह पिछले पांच साल में ‘सरेंडर’ और निकासी के रुख में बढ़ोतरी दिखाता है। उन्होंने कहा कि कुल लाभ के हिस्से के तौर पर सरेंडर और निकासी (विड्रॉल) ने जीवन बीमा क्षेत्र द्वारा दिए जाने वाले ‘मैच्योरिटी’ (परिपक्वता) लाभ को पीछे छोड़ दिया है।