दिल्ली में लॉकडाउन के कारण अस्त-व्यस्त हुई सेक्स वर्कस की जिंदगी, मदद को आगे आए लोग

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 14, 2021

देश में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए जब एक बार फिर 19 अप्रैल को दिल्ली में लॉकडॉन की घोषणा हुई तो कई सेक्स वर्कर्स दिल्ली छोड़कर अपने गांवों की ओर प्रस्थान करने लगे। हालांकि ये फैसला दिल्ली सरकार को कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों के कारण लेना पड़ा। इस महामारी और उसके कारण लगे लॉकडाउन के बाद सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगो को  झेलनी पड़ी, जो रोज अपने के कार्यों से अपनी आजीविका चलाते थे और अपने परिवार के लिए दो वक्त की रोटी का जुगाड़ बड़ी मुश्किल से कर पाते थे।

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सेक्स वर्कर्स को लेकर समाज में बनी धारणा के कारण इन्हें कहीं से भी मदद मिल पाना बेहद मुश्किल था, इन्हें असामाजिक तत्व कह कर नकार दिया जाता है। अक्सर हमारा समाज इन जैसे लोगो की परवाह नहीं करता, ना ही इनको होने वाली परेशानियों की चर्चा ही होती है। लेकिन इस वैश्विक महामारी का प्रभाव इन लोगो के जीवन पर भी उतना ही पड़ा है, जितना बाकी लोगो पर। ये भी दो वक्त की रोटी की चिंता में अपनी जिंदगी बिताने को मजबूर थे। ऐसे प्रतिकूल परिस्थितियों में इन लोगों की बदहाल जिंदगी में आशा की एक किरण बन कर आया और "वृक्षित फाउंडेशन"। वृक्षित फाउंडेशन ने इस मुश्किल की घड़ी में मदद का हाथ बढ़ाते हुए दिल्ली के जीबी रोड इलाके में रह रहे 800 से भी ज्यादा सेक्स वर्कर्स के परिवारों के बीच राशन का वितरण किया। 

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जिसके तहत सेक्स वर्कर्स के परिवारों के बीच दाल, चावल आटा, साबुन, सैनिटाइजर, चीनी, नमक , मसाले और सैनिटरी पैड सहित रोजमर्रा के अन्य सामान पहुंचाएं। इस मुश्किल वक्त में जब हर कोई एक दूसरे की मदद के लिए आगे आ रहा है, वृक्षित फाउंडेशन जरूरतमंद लोगों के पेशे, जाति या धर्म को न देखते हुए, सबको एक मानव समझते हुए मानवता के नाते लोगों की मदद कर रहा है। हम सब को भी व्यक्तिगत तौर पर यथासंभव लोगो कर मदद के लिए आगे आना होगा तभी कोरोना को पराजित करके हमें विजय प्राप्त कर पाएंगे।

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