By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 04, 2021
नयी दिल्ली। राज्यसभा ने कारोबार सुगमता को और बढ़ाने तथा ‘स्टार्टअप’ परिवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लाए गए सीमित जवाबदेही भागीदारी (एलएलपी) (संशोधन) विधेयक 2021 को बुधवार को विपक्ष के हंगामे के बीच मंजूरी दे दी। इसके तहत मूल अधिनियम में बताए गए 12 कृत्यों को आपराधिक श्रेणी से हटाया गया है। इसके अलावा, संशोधित कानून के तहत छोटे एलएलपी के लिये परिपेश की जाएगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गत बुधवार 28 जुलाई को एलएलपी कानून में संशोधन को मंजूरी दी थी। यह पहली बार है जब 2009 में कानून के अमल में आने के बाद बदलाव किये गये हैं।
तीन धाराओं को पूरी तरह से छोड़ दिया गया है।’’ वित्त मंत्री ने कहा कि ये परिवर्तन एलएलपी को कंपनी अधिनियम के तहत आने वाली कंपनियों के साथ समान अवसर उपलब्ध कराने में मदद करेंगे। उनके जवाब के बाद विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई। इससे पहले, विधेयक पर हंगामे के बीच चर्चा में हिस्सा लेते हुए बीजू जनता दल के सुजीत कुमार ने कहा कि एलएलपी को इस विधेयक से बहुत लाभ होगा। इससे न केवल रोजगार सृजन होगा बल्कि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी मदद मिलेगा। उन्होंने एलएलपी से आयकर घटाने की भी मांग की। टीआरएस के बंदा प्रकाश, अन्नाद्रमुक के एम थंबीदुरई, माकपा के जॉन ब्रिटस, तेदेपा के कनकमेदला रविंद्र कुमार, जी एस वासन ने भी चर्चा में हिस्सा लिया।