शराब ठेका: उच्च न्यायालय ने मध्य प्रदेश सरकार को जारी किया नोटिस, दो सप्ताह में मांगा जवाब

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 05, 2020

जबलपुर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने प्रदेश के शराब ठेकेदारों की विभिन्न मांगों को लेकर दायर की गई याचिका पर राज्य सरकार को मंगलवार को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब तलब किया है। कोविड—19 की महामारी के कारण 24 मार्च की मध्य रात्रि से लागू लॉकडाउन की वजह से अपनी दुकानों को नहीं खोल पाने के कारण मध्य प्रदेश के शराब ठेकेदारों ने अदालत में याचिका दायर कर मांग की थी कि जितने दिन उनकी दुकानें बंद रही है, उसका आकलन कर ठेका राशि उतनी कम की जाए। यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो उनकी जमा राशि वापस की जाए और नए सिरे से ठेके के लिए निविदा आमंत्रित की जाये। याचिका की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश न्यायामूर्ति ए के मित्तल तथा न्यायामूर्ति वी के शुक्ला की युगलपीठ ने आज प्रदेश सरकार को नोटिस जारी करने का आदेश दिया और सरकार से दो सप्ताह में जवाब मांगा है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 19 मई को निर्धारित की है। 

इसे भी पढ़ें: आंध्र प्रदेश सरकार ने बढ़ाई शराब की कीमत, 9,000 करोड़ के अतिरिक्त राजस्व की उम्मीद

इसे भी पढ़ें: शराब के शौकीनों को न कोविड-19 का ख़ौफ़ रोक पाया और न ही भारी कोरोना शुल्क

इसके बाद लॉकडाउन की अवधि में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। प्रदेश सरकार द्वारा अब कुछ जिलों तथा क्षेत्रों में शराब दुकानों का संचालन करने की अनुमति प्रदान की गई है। इन क्षेत्रों में महज कुछ घंटों दुकान संचालन की अनुमति रहेगी। श्रीवास्तव एवं दिवाकर ने बताया कि याचिका में कहा गया है कि शराब ठेकेदारों द्वारा कई हजार करोड़ों में ठेका लिया गया है। उन्होंने कहा कि याचिका में मांग की गई है कि जितने दिन दुकान बंद रही है और दुकान संचालन के घंटों में कटौती का आकलन कर ठेका राशि उतनी कम की जाए। याचिका में यह भी कहा गया है कि ऐसा नहीं करने पर उनकी जमा राशि वापस की जाए और नए सिरे से ठेके के लिए निविदा आमंत्रित की जाएं।

प्रमुख खबरें

Love & War Vicky Kaushal look | लव एंड वॉर से विक्की कौशल का धांसू फर्स्ट लुक जारी, सिगरेट और इंटेंस लुक में छाए एक्टर

Jitan Ram Manjhi ने Om Birla को लिखा पत्र, SC-ST सांसदों को चर्चा में अधिक समय देने की मांग

Omega 3 Fatty Acids सेवन से Heart Health और Brain Function में होता है सुधार

राजनीतिक क्षेत्र में दूर की कोड़ी है लैंगिक समानता