Jagjit Singh Death Anniversary: बेटे के गम ने बना दिया 'गजल सम्राट' को दर्द का बेताज बादशाह, ऐसी थी जगजीत सिंह की कहानी

By अनन्या मिश्रा | Oct 10, 2025

गजल के बेताज बादशाह जगजीत सिंह ने संगीत की दुनिया में ऐसी छाप छोड़ी, जो समय की सीमाओं को पार करके आज भी उतनी ही ताजा हैं। आज ही के दिन यानी की 10 अक्तूबर को जगजीत सिंह की मृत्यु हो गई थी। जगजीत सिंह के लिए संगीत सिर्फ उनका शौक नहीं बल्कि आत्मा की आवाज थी। उन्होंने कम उम्र से ही शास्त्रीय संगीत की तालीम प्राप्त कर ली थी। 1970 के दशक में गजल को एक खास वर्ग का संगीत माना जाता था, तब जगजीत सिंह ने इसको आम जनमानस की जुबान बना दिया था। वह अपने गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देते थे। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर गजल किंग जगजीत सिंह के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

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ऐसे मिला गाने का मौका

काफी ज्यादा संघर्ष के बाद जगजीत सिंह को हिंदी सिनेमा में गाने का मौका मिला था। साल 1967 में जब जगजीत सिंह काम ढूंढ रहे थे। इस दौरान उनकी मुलाकात चित्रा दत्त से हुई। हालांकि उस दौरान चित्रा शादीशुदा थीं। लेकिन इसके बाद भी जगजीत और चित्रा एक-दूसरे को दिल दे बैठे और दिसंबर 1969 में चित्रा ने अपने पति को तलाक लेकर जगजीत सिंह से शादी कर ली।

बता दें कि जगजीत सिंह और चित्रा सिंह एक साथ कॉन्सर्ट किया करते थे। इस समय तक वह 'गजल किंग' बन चुके थे। जगजीत ने प्राइवेट एलबम के साथ फिल्मों में भी कई गजलें गाईं जिनमें 'अर्थ', 'जिस्म', 'प्रेम गीत', 'तुम बिन', 'जॉगर्स पार्क' जैसी फिल्में शामिल हैं। जगजीत सिंह को साल 2003 में भारत सरकार की ओर से 'पद्म भूषण' से नवाजा गया था।

बेटे की मौत से टूट गए थे जगजीत सिंह

 चित्रा और जगजीत का एक बेटा विवेक था। वहीं 20 साल की उम्र में विवेक की एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इस घटना ने जगजीत सिंह और चित्रा सिंह को बुरी तरह से तोड़ दिया था। इस घटना के बाद जगजीत सिंह संगीत की दुनिया से दूर हो जाना चाहते थे। उन्होंने कई महीनों तक गाना नहीं गाया। लेकिन फिर उन्होंने संगीत की दुनिया में धीरे-धीरे वापसी की। लेकिन उनकी पत्नी चित्रा सिंह ने रिटायरमेंट ले लिया। बेटे की मौत का सदमा सीने में दबाए बैठे जगजीत सिंह जब वापस गजल गायकी की दुनिया में लौटे, तो उनकी आवाज में किसी को खोने का दर्द कई गुना बढ़ा हुआ था।

मृत्यु

साल 2011 में यूके में जगजीत सिंह को गुलाम अली के साथ परफॉर्म करना था। लेकिनन इससे पहले उनको ब्रेन हैमरेज हो गया, 23 सितंबर 2011 को जगजीत सिंह को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। वह करीब दो सप्ताह तक कोमा में रहे और इस दौरान उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। वहीं 10 अक्तूबर 2011 को जगजीत सिंह ने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।

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