By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 10, 2021
तिरुवनंतपुरम। कैथोलिक बिशप जोसेफ कल्लारंगत द्वारा कथित ‘लव और नारकोटिक जिहाद’ पर दिए गए विवादास्पद बयान से केरल में शुक्रवार को राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया और विपक्षी दल कांग्रेस ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि बिशप ने अपनी टिप्पणी से ‘‘हदें पार कर दी हैं।’’ वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कल्लारंगत को पूरा समर्थन देते हुए समाज से उनके बयान पर चर्चा करने का आग्रह किया। सत्तारूढ़ दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) से मामलों पर प्रायः त्वरित टिप्पणी की उम्मीद की जाती है लेकिन अभी तक उसकी ओर से इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं आया है। विधानसभा में नेता विपक्ष वी डी सतीशन ने फेसबुक पर लिखा कि समुदाय के लोगों और आध्यात्मिक नेताओं को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए जिससे केरल में शांति के वातावरण या आमजन के बीच भरोसे की भावना को क्षति पहुंचे।
उन्होंने जो कहा, वह नई चीज नहीं है। उन्होंने किसी समुदाय विशेष पर आरोप नहीं लगाया, बल्कि केवल उन्हें दोष दिया जो समाज विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं।’’ इस बीच कोट्टायम स्थित मुस्लिम संगठन महल्लु मुस्लिम समन्वय समिति ने बिशप के विरुद्ध पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कल्लारंगत ने जानबूझकर समाज का सांप्रदायिक आधार पर ध्रुवीकरण करने के लिए बयान दिया। जोसेफ कल्लारंगत ने बृहस्पतिवार को कहा था कि केरल में ईसाई लड़कियां ‘‘लव और नारकोटिक जिहाद’’ का शिकार बन रही हैं तथा जहां भी हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, वहां दूसरे धर्मों के युवाओं को बर्बाद करने के लिए चरमपंथी ऐसे तरीके अपना रहे हैं। जिले के एक चर्च में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए बिशप ने कहा था कि ‘‘लव जिहाद’’ के तहत गैर मुस्लिम, विशेषकर ईसाई समुदाय की लड़कियों को बड़े स्तर पर प्रेमजाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है और आतंकवाद जैसे कृत्यों के लिए उनका इस्तेमाल किया जा रहा है।