Lucknow में शिक्षकों की कमी पर छात्राओं का प्रदर्शन, High Court के फैसले की प्रतीक्षा

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 17, 2026

राजधानी लखनऊ के एक सरकारी आवासीय विद्यालय की छात्राओं ने सोमवार को भारी बारिश के बीच प्रदर्शन किया। चार दिनों में यह संस्थान के छात्रों का दूसरा प्रदर्शन है। छात्राओं ने मुख्य रूप से शिक्षकों की कमी और कक्षाओं के बाधित होने को लेकर विरोध जताया।

उन्होंने अदालत के आदेश से ‘‘सकारात्मक परिणाम’’ की उम्मीद जताई। जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय की छात्राओं का यह विरोध प्रदर्शन दोबारा हुआ है। तीन दिन पहले शुक्रवार को इसी स्कूल की छात्राओं ने अपनी शिकायतों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था।

सोमवार सुबह करीब नौ बजे कई छात्राएं स्कूल से बाहर निकलीं और डुबग्गा-कानपुर बाईपास तथा बालागंज चौराहों पर प्रदर्शन किया। अपने स्कूल में शिक्षण कार्यों से जुड़े मुद्दों से संबंधित पोस्टर और बैनर लिए छात्र—छात्राओं ने नारे लगाए। बारिश के बावजूद कुछ छात्राएं सिर पर तौलिया लपेटकर प्रदर्शन स्थल पर बैठी रहीं, जबकि कई अन्य ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर मानव श्रृंखला बनाई और एक व्यस्त चौराहे पर रास्ता जाम कर दिया।

अधिकारियों ने बताया कि लोगों के दफ्तर जाने के व्यस्त समय में इस विरोध प्रदर्शन के कारण यातायात बाधित हुआ, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस तैनात की गयी। जेन अल्फा कहलाने वाली इन छात्राओं ने मुख्य रूप से शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि कक्षाएं ठीक से संचालित नहीं की जा रही हैं। सूचना मिलने पर वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और उनसे विरोध—प्रदर्शन खत्म करने के लिए मनाया।

इसके बाद उनको वापस स्कूल परिसर ले जाया गया, जहां वरिष्ठ अधिकारियों ने उनसे बातचीत की। अनामिका नाम की एक छात्रा ने बताया कि स्कूल में सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक कक्षाएं संचालित की जाती हैं और असेंबली सत्र में ही लगभग दो घंटे लग जाते हैं, इसलिए छात्रों के पास पढ़ाई के अलावा अन्य गतिविधियों के लिए बहुत कम समय बचता है। उसने आरोप लगाया कि स्कूल में विज्ञान के छात्रों की खासी संख्या होने के बावजूद केवल रसायन विज्ञान विषय के शिक्षक ही उपलब्ध हैं, जबकि जीव विज्ञान और भौतिक विज्ञान विषय पढ़ाने के लिए कोई भी शिक्षक नहीं है।

अनामिका ने कहा, बोर्ड परीक्षाएं नजदीक आ रही हैं, लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छात्रों को ऑनलाइन कक्षा में शामिल होने में भी दिक्कतें आ रही हैं। प्रदर्शनकारी छात्राओं ने वार्डन के खिलाफ कार्रवाई और अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति की भी मांग की।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वे फिर से विरोध प्रदर्शन करेंगी। समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने कहा कि अधिकारियों ने छात्राओं से बात की है और बातचीत से उनकी शिकायतों को सुलझाने की कोशिश की जा रही है। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सुबह हुए विरोध-प्रदर्शन के बाद छात्रों को वापस स्कूल ले जाया गया और उनकी समस्याओं एवं मांगों पर चर्चा करने के लिए वरिष्ठ अधिकारी वहां मौजूद थे।

विरोध पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘2014 में आई भाजपा सरकार की सबसे बड़ी असफलता-विफलता ये है कि 14 साल तक के बच्चों को अब उनसे कोई उम्मीद नहीं बची है। जिन छात्राओं को स्कूलों में होना चाहिए, वो शिक्षक की कमी के साथ-साथ स्कूल में बुनियादी सुविधाओं के लिए सड़क पर आने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा, ‘‘उप्र में कोई शिक्षा मंत्री है क्या?’’ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यादव ने शहर की सड़कों पर छात्राओं के विरोध प्रदर्शन की एक वीडियो क्लिप भी साझा की।

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