Lung Cancer: भारत में फेफड़ों का कैंसर बन रहा 'साइलेंट किलर', बढ़ रहे मामले डरावने

By अनन्या मिश्रा | Aug 13, 2025

हर साल देश में हजारों लोग फेफड़ों के कैंसर का शिकार बन रहे हैं। लेकिन अधिकतर मामलों में इस गंभीर बीमारी का पता तब चलता है, जब तक बहुत देर हो चुकी है। साल 2022 में 1 लाख से ज्यादा नए मामले सामने आए थे। वहीं लगातार यह आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। हम सब जानते हैं कि सिगरेट और बीड़ी पीना फेफड़ों के कैंसर का सबसे बड़ा कारण होता है। पुरुषों में इसके मामले अधिक देखे जाते हैं। क्योंकि उनमें धूम्रपान की आदत अधिक पाई जाती है।

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लक्षण

खांसी में खून आना

सांस लेने में दिक्कत या जल्दी हांफ जाना

ऐसी खांसी जो ठीक होने का नाम न ले

सीने में दर्द या भारीपन महसूस होना

अचानक वजन कम होना या भूख न लगना

बार-बार फेफड़ों में इन्फेक्शन होना

आवाज में बदलाव या भारीपन

इलाज

सर्जरी

अक्सर स्टेज 1 के लंग्स कैंसर में पाया जाता है। जोकि कैंसर केवल फेफड़ों में है। ऐसी स्थिति में सर्जरी से कैंसर को हटा दिया जाता है। यह फिर फेफड़ों का वह हिस्सा जो कैंसर से प्रभावित है, उसको हटा दिया जाता है।

रेडियोथेरेपी

बता दें कि कई केसज ऐसे भी होते हैं, जब मरीज का शरीर सर्जरी के लिए तैयार नहीं होता है। ऐसे में रेडियोथेरेपी के जरिए इलाज किया जाता है। इसके जरिए कैंसर को हटाया जाता है।

कीमोथेरेपी

कीमोथेरेपी का इस्तेमाल तब किया जाता है, जब ऊपर के दोनों तरीके काम नहीं आते हैं और कैंसर का खतरा अधिक बढ़ा होता है।

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