By दिनेश शुक्ल | Nov 05, 2020
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए सरकार उनकी ब्रांडिंग में सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए लोकल फॉर वोकल की बात कही है। मध्यप्रदेश सरकार भी लोकल फॉर वोकल के प्रति कृत-संकल्पित है। उन्होंने कहा कि आजीविका मिशन सरकार की प्राथमिकता में है स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियां बढ़ेगी तो इससे महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण भी होगा। मुख्यमंत्री चौहान ने यह बात गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास पर सीहोर जिले से विशेष रुप से भेंट करने आई आजीविका मिशन की बहिनों से कहीं।
वही जय गुरुदेव स्व-सहायता समूह भावखेड़ी की दीदी ने मुख्यमंत्री चौहान को भेंट के दौरान बताया कि उनका स्व-सहायता समूह कन्हैया गौशाला का संचालन करता है। इसमें लगभग 100 गायें हैं। गौशाला में दुधारू के साथ-साथ बुजुर्ग गायों की भी देखभाल की जाती है। गौशाला में दूध व दुग्ध पदार्थों के अलावा पंचगव्य पदार्थों से मूर्तियां, दीपक, स्वास्तिक, चरण पादुका, गमले आदि बनाए जाते हैं। इन गतिविधियों से गौशाला व समूह को अतिरिक्त आय मिल जाती है। माँ दुर्गा स्व-सहायता समूह इछावर की दीदी ने भेंट के दौरान बताया कि उनका स्व-सहायता समूह तुलसी, अश्वगंधा, कलौंजी आदि की औषधीय फसलों की खेती भी करता है। लगभग एक एकड़ की खेती पर 15 हजार रुपये की लागत आई तथा 60 हजार रुपये की फसल बिक्री हुई। इस प्रकार से स्व-सहायता समूह को 45 हजार रुपये की आमदनी हुई। वहीं बुदनी के गणेश स्व-सहायता समूह की दीदी ने बताया कि उनका समूह मधुमक्खी पालन करता है। इसके लिए फूलों वाली फसलें जैसे अरहर व सरसों की फसल लेते हैं। लगभग डेढ़ माह की अवधि में मधुमक्खी पालन से 40 किलोग्राम शहद का उत्पादन हुआ, जिससे समूह को 12 हजार रुपये की अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हुई।
जबकि लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की दीदी ने बताया कि उनका स्व-सहायता समूह फैंसी कड़े व चूड़ी का निर्माण करता है। फैंसी कड़े 50 से लेकर 250 रुपये में बिक जाते हैं। समूह सदस्य द्वारा दिखाये गये फैंसी कड़े मुख्यमंत्री चौहान ने क्रय कर भुगतान भी किया। राम आजीविका समूह सीहोर व बालाजी आजीविका समूह आष्टा की बहिनों ने बताया कि वे बैंक सखी का काम करती हैं। बैंक में आवेदन आदि करने में सहयोग के साथ महिलाओं को बीमा व पेंशन आदि की जानकारी देती हैं। राधिका स्व-सहायता समूह नसरुल्लागंज की दीदी ने बताया कि उनका समूह सिलाई केन्द्र चलाता है तथा कियोस्क भी खोलने पर विचार है।