By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 19, 2026
मध्यप्रदेश के जबलपुर में रविवार दोपहर तेज रफ्तार एक कार ने सड़क निर्माण कार्य में लगे 13 मजदूरों को कुचल दिया, जिनमें से दो श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि तीन ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आठ घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है और इनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान मंडला जिले के बम्होरी गांव की निवासी भारती चैनवती (35) व लच्छो बाई (38) के रूप में हुई है और इन दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
अधिकारी ने बताया कि बाद में इलाज के दौरान गोमती बाई (40), वर्षा बाई (39) और कृष्णा बाई (41) ने दम तोड़ दिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) पल्लवी शुक्ला ने ‘पीटीआई-वीडियो’ सेवा से बातचीत में पांचों मौतों की पुष्टि की।
उन्होंने बताया कि सिग्मा कॉलोनी के सामने एकता चौक के पास सड़क पर 24 से अधिक मजदूर काम कर रहे थे और इसके बाद वे दोपहर डेढ़ बजे भोजन करने लगे।शुक्ला ने बताया कि इसी बीच बरेला से जबलपुर की तरफ आ रही तेज रफ्तार सफेद रंग की बिना नम्बर प्लेट की एक कार मजूदरों को रौंदते हुए निकल गई।
उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने पुलिस को दुर्घटना की जानकारी दी, जिसके कुछ ही देर में पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
अधिकारी ने बताया, “इस हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। शेष 11 घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।” शुक्ला ने बताया कि गोमती बाई, वर्षा बाई व कृष्णा बाई अस्पताल के वेंटिलेटर पर थीं और तीनों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बरेला थाना प्रभारी अनिल पटेल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सिग्मा सिटी के सामने सड़क किनारे लगी लोहे की ग्रील में मजदूर वर्ग पेंटिंग का काम कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि इसी दौरान बरेला से जबलपुर की तरफ जा रही तेज रफ्तार कार के चालक ने मजदूरों को रौंद दिया और कार लेकर जबलपुर की तरफ भाग गया।अधिकारी ने बताया कि इस दुर्घटना में घायल दो और महिलाओं की हालत गंभीर बताई गई है जबकि शेष खतरे से बाहर हैं।
उन्होंने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया और पुलिस आरोपी कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश में जुटी है। अधिकारी ने बताया कि आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जगह-जगह अवरोधक लगाकर गाड़ियों की जांच की जा रही है।