By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 30, 2026
नेपाल में हुई भारी बारिश के बाद नारायणी-गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में नदी किनारे बसे गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार नेपाल की त्रिशूली नदी में बढ़ा जलस्तर नारायणी नदी के रास्ते नीचे की ओर बहते हुए गंडक में पहुंच रहा है, जिससे वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से पानी छोड़े जाने की मात्रा में तेजी से वृद्धि हुई है।
नारायणी-गंडक नदी निचलौल तहसील के पथलहवा और तेलफर क्षेत्रों के पास उफान पर बह रही है। नदी किनारे बसे गांवों के लोगों ने तेजी से बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंता जताई है। सोहगीबरवा क्षेत्र में रोहुआ नाला भी उफान पर आ गया है।
पानी का दबाव भोंथहा टोले की ओर बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर राहत और बचाव दलों को तैयार रखा है। प्रभावित क्षेत्रों में नदी और अन्य जलस्रोतों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।
निचलौल के उप जिलाधिकारी सिद्धार्थ गुप्ता ने बताया कि प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जलस्तर में बदलाव के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से करीब 4.30 लाख क्यूसेक तक पानी छोड़े जाने की क्षमता है, जबकि वर्तमान में करीब 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है।
गुप्ता ने कहा, ‘‘नेपाल में भारी बारिश के कारण पानी छोड़े जाने की मात्रा बढ़ी है। प्रशासन स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है।’’ गौरतलब है कि हाल में नेपाल में आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल में भारी तबाही मचाई है, 26 अगस्त को आई इस आपदा के बाद कई इलाकों में कीचड़ और मलबा फैल गया, लोग अपने लापता परिजनों की तलाश में अस्पतालों के बाहर भटकते नजर आए और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। नेपाल में रविवार को बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या 700 के पार पहुंच गई, जबकि करीब 2,500 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।