By रितिका कमठान | Jul 02, 2023
महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर अचानक हो गया है। यहां एनसीपी अब टूटने की कगार पर पहुंच गई है। अजित पवार ने रविवार को अपने आवास पर अपने विधायकों के साथ बैठक की। उन्होंने इसके बाद कुल 17 विधायकों के साथ शिंदे सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है। समर्थन देने के लिए वो राजभवन के लिए रवाना हो गए है। संभावना जताई गई है कि अजित पवार को उपमुख्यमंत्री पद सौंपा जा सकता है।
सूत्रों ने बताया कि पटना में हाल में हुई विपक्ष की बैठक में राकांपा अध्यक्ष शरद पवार और पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले की मौजूदगी से अजित पवार और उनके समर्थक खफा थे। राजभवन में मौजूद महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि अजित पवार ने निचले सदन में विपक्ष के नेता (एलओपी) के पद से इस्तीफा दे दिया है और उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया है।
राजभवन में विधानसभा उपाध्यक्ष नरहरि जिरवाल और राकांपा के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल भी मौजूद थे। भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष चन्द्रशेखर बावनकुले ने दावा किया कि राकांपा के 40 विधायकों (कुल 53 में से) ने राज्य सरकार का समर्थन किया है। राज्य में विधानसभा चुनाव अगले साल प्रस्तावित है।
यह राजनीतिक घटनाक्रम शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना (तब अविभाजित) के खिलाफ विद्रोह के एक साल बाद सामने हुआ है, जिसके कारण महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार गिर गई थी। शिंदे ने 30 जून, 2022 को मुख्यमंत्री पद और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।