By अभिनय आकाश | Jan 14, 2026
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव से एक दिन पहले शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने बुधवार को यहां मुंबादेवी मंदिर में पूजा-अर्चना की। दोनों चचेरे भाई अपनी पत्नियों और बच्चों के साथ मुंबई की संरक्षक देवी के रूप में पूजी जाने वाली मुंबादेवी की पूजा-अर्चना करने मंदिर गए। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद अनिल देसाई, संजय राउत और अरविंद सावंत भी ठाकरे परिवार के साथ मंदिर में मौजूद थे। मुंबई समेत महाराष्ट्र की 29 नगरपालिकाओं के चुनाव बृहस्पतिवार को होंगे और मतगणना शुक्रवार को होगी।
महाराष्ट्र के नगर निकायों की 2,869 सीट के लिए 15 जनवरी को सुबह 7:30 बजे मतदान शुरू होगा और शाम 5:30 बजे समाप्त होगा। कुल 3.48 करोड़ मतदाता 15,931 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे, जिनमें मुंबई के 1,700 और पुणे के 1,166 प्रत्याशी शामिल हैं। मतगणना 16 जनवरी को होगी। बीएमसी चुनाव और मतगणना के दौरान मुंबई में वरिष्ठ अधिकारियों समेत 25,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। चुनाव से पहले एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम के तहत, दो दशक पहले अलग हुए चचेरे भाई उद्धव और राज ठाकरे मराठी मतदाताओं को एकजुट करने के लिए फिर साथ आए, वहीं पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में राकांपा के प्रतिद्वंद्वी गुटों ने गठबंधन किया है। इस चुनाव में विपक्षी कांग्रेस ने मुंबई में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिएमहाविकास आघाडी (एमवीए) के अपने सहयोगियों शिवसेना (उबाठा) और शरद पवार की राकांपा (एसपी) का साथ छोड़कर अलग राह अपनाई है। कांग्रेस ने राज्य की राजधानी में प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन आघाड़ी और राष्ट्रीय समाज पक्ष से हाथ मिलाया है, जबकि नागपुर में वह अकेले चुनाव लड़ रही है।
29 नगर निगमों के चुनाव छह साल से अधिक समय के अंतराल के बाद हो रहे हैं, क्योंकि इनके कार्यकाल 2020 से 2023 के बीच समाप्त हो गए थे। इन नगर निगमों में छत्रपति संभाजीनगर, नवी मुंबई, वसई-विरार, कल्याण-डोंबिवली, कोल्हापुर, नागपुर, मुंबई, सोलापुर, अमरावती, अकोला, नासिक, पिंपरी-चिंचवड़, पुणे, उल्हासनगर, ठाणे, चंद्रपुर, परभणि, मीरा-भायंदर, नांदेड़-वाघाला, पनवेल, भिवंडी-निजामपुर, लातूर, मालेगांव, सांगली-मिराज-कुपवाड़, जलगांव, अहिल्यानगर, धुले, जालना और इचलकरंजी शामिल हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने दोनों उपमुख्यमंत्रियों एकनाथ शिंदे और अजित पवार के साथ पूरे महाराष्ट्र में व्यापक प्रचार किया, जबकि उद्धव और राज ठाकरे ने मुंबई, ठाणे, नासिक और छत्रपति संभाजीनगर में अपनी ताकत झोंकी।