By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 04, 2020
मुंबई। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ राकांपा और कांग्रेस ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की सीबीआई से जांच कराने की सिफारिश करने पर बिहार सरकार की मंगलवार को आलोचना की और कहा कि यह राज्य सरकार के अधिकार का अतिक्रमण करता है और संविधान को तबाह करने में भाजपा की मदद करता है। महाराष्ट्र के मंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार सीबीआई जांच की सिफारिश करके कोविड-19 से निपटने में अपनी नाकामी से ध्यान हटाने की शायद कोशिश कर रही है। इससे कुछ घंटा पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को बताया कि उनकी सरकार ने राजपूत की मौत की सीबीआई जांच की सिफारिश की है। राजपूत के पिता ने इसका अनुरोध किया था। मलिक ने कहा कि बिहार सरकार का फैसलासंघीय ढांचे को कमजोर कर रहा है।
मलिक ने कहा कि मिसाल के तौर पर, कल को मुंबई में रहने वाले किसी व्यक्ति के खिलाफ उत्तर प्रदेश में हुए अपराध के लिए मामला दर्ज किया जाता है तो क्या महाराष्ट्र सरकार भी मुंबई में मामला दर्ज करेगी और पुलिस उत्तर प्रदेश जांच के लिए जाएगी? यह सवाल अधिकार क्षेत्र का है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से बिहार सरकार व्यवहार कर रही है, उससे वह संकट पैदा कर रही है। उन्होंने कहा, यह दूसरे राज्य के अधिकार के अतिक्रमण के समान है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था में दुरूस्त नहीं है। राकांपा नेता ने कहा कि मामले की जांच मुंबई पुलिस उचित तरीके से कर रही है। उन्होंने इसे लेकर हो रही राजनीति की निंदा की।
महाराष्ट्र कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने आरोप लगाया कि बिहार सरकार सीबीआई जांच के फैसले से संविधान को नष्ट करने में भाजपा की मदद कर रही है। नीतीश कुमार नीत जदयू की गठबंधन सरकार में भाजपा साझेदार है। सावंत ने ट्वीट किया, मोदी सरकार और भाजपा भारत में लोकतांत्रिक ढांचे को नष्ट कर रही है। यह देखकर दुख होता है कि भाजपा के गठबंधन साझेदार संविधान को नष्ट करने में उनकी मदद कर रहे हैं जो राजनीतिक फायदे के लिए संघीय ढांचे को स्थायी रूप से चोट पहुंचाएगा। उम्मीद है कि अदालतें देश के लिए हमारी चिंता को साझा करेंगी।