By रेनू तिवारी | Jan 29, 2026
उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद खाली हुए राजनीतिक शून्य को भरने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र का नया उपमुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव महायुति सरकार के सामने रखने वाली है।
NCP के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के FDA मंत्री नरहरि ज़िरवाल ने गुरुवार को न्यूज़ एजेंसी PTI को बताया कि जनता चाहती है कि सुनेत्रा पवार को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किया जाए। सूत्रों के अनुसार, NCP के वरिष्ठ नेताओं प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे और सुनील तटकरे ने आंतरिक सलाह-मशविरे के तहत सुनेत्रा पवार से मुलाकात की है। सूत्रों ने आगे कहा कि पूरी संभावना है कि सुनेत्रा पवार अजित पवार द्वारा खाली की गई सीट से चुनाव लड़ेंगी। इस प्रस्ताव में सुनेत्रा पवार को उप मुख्यमंत्री के रूप में शामिल करना शामिल होगा। NCP नेताओं के प्रस्ताव और भविष्य की कार्रवाई पर चर्चा करने के लिए देवेंद्र फडणवीस से भी मिलने की उम्मीद है।
सूत्रों ने आगे कहा कि पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल इस चरण के दौरान NCP को चलाने में नेतृत्व कर सकते हैं। NCP (SP) के साथ संभावित विलय पर चर्चा बाद के चरण में होने की संभावना है। सूत्रों ने बताया कि अजित पवार नगर निगम चुनावों के बाद से ही विलय के संबंध में NCP (SP) के साथ बातचीत कर रहे थे। टेबलटॉप हवाई पट्टी के किनारे से महज़ 200 मीटर की दूरी पर विमान दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद पवार और विमान में सवार चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी।
दो NCP गुटों के विलय के सवाल पर, ज़िरवाल ने कहा, ''दोनों गुट पहले से ही साथ हैं। सभी को एहसास हो गया है कि बिखरे रहने का कोई मतलब नहीं है और उन्हें साथ रहना होगा।'' अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) राज्य में BJP और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का एक घटक है।
अजित पवार की NCP वर्तमान में भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ महायुति गठबंधन का हिस्सा है। NCP नेताओं के जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलकर सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव औपचारिक रूप से रखने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि अजित पवार और चार अन्य लोगों की जान बुधवार को बारामती में एक विमान हादसे में चली गई थी। टेबलटॉप रनवे के पास हुए इस हादसे ने महाराष्ट्र की सत्ता के समीकरणों को हिला कर रख दिया है।