By अंकित सिंह | Feb 15, 2025
महाराष्ट्र सरकार ने जबरन धर्मांतरण और 'लव जिहाद' के मामलों के खिलाफ नए कानून के कानूनी पहलुओं का अध्ययन करने के लिए राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति में महिला एवं बाल कल्याण, अल्पसंख्यक मामले, कानून और न्यायपालिका, सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभागों के सचिव और गृह विभाग के उप सचिव शामिल हैं। सीएम देवेन्द्र फडणवीस ने पिछले दिनों कहा था कि उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में बनाए गए समान कानूनों के बाद, महाराष्ट्र जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ एक कानून लाने की योजना बना रहा है।
दस्तावेज़ में 'लव जिहाद' और जबरन धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए जन प्रतिनिधियों, संगठनों और नागरिकों के अनुरोधों का उल्लेख किया गया है। समिति वर्तमान परिस्थितियों का विश्लेषण करेगी और उपयुक्त कानून विकसित करने के लिए अन्य राज्यों में मौजूदा कानूनी संरचनाओं का अध्ययन करते हुए 'लव जिहाद' शिकायतों और जबरन धर्मांतरण के संबंध में उपायों की सिफारिश करेगी। शेख ने कहा, "इससे पहले सरकार यह कहते हुए एक प्रस्ताव लेकर आई थी कि राज्य में 'लव जिहाद' के एक लाख से अधिक मामले हैं, लेकिन उन्हें एक भी उदाहरण नहीं मिला जहां वे पुलिस मामला दर्ज कर सकें। ऐसे किसी भी दावे का समर्थन करने के लिए कोई डेटा उपलब्ध नहीं है, और मैंने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया था। सरकार इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है।"