By अंकित सिंह | Jul 14, 2026
सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने मंगलवार को घोषणा की कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 के तहत कक्षा 9 और 10 के छात्रों के लिए तीसरी भाषा एक अनिवार्य क्वालिफाइंग विषय होगी। बोर्ड ने साफ़ किया कि हालाँकि तीसरी भाषा को कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं किया जाएगा, लेकिन छात्रों को 2027-28 शैक्षणिक सत्र से इस विषय में स्कूल-आधारित इंटरनल असेसमेंट (आंतरिक मूल्यांकन) पास करना होगा।
10 जुलाई को जारी CBSE के एक सर्कुलर के अनुसार, 2027-28 एकेडमिक सेशन में 10वीं क्लास में जाने वाले स्टूडेंट्स को सेकेंडरी स्कूल एग्जामिनेशन पास सर्टिफिकेट के लिए 'R3' के तौर पर तय तीसरी भाषा में स्कूल-बेस्ड असेसमेंट पास करना ज़रूरी होगा। हालांकि तीसरी भाषा क्लास 10 की बोर्ड परीक्षा का हिस्सा नहीं होगी, लेकिन सेकेंडरी स्कूल परीक्षा पास करने के लिए इसके इंटरनल असेसमेंट में पास होना ज़रूरी कर दिया गया है।
बोर्ड ने उन छात्रों के लिए भी प्रक्रिया बताई है जो असेसमेंट में फेल हो जाते हैं। अगर क्लास 10 का कोई छात्र तीसरी भाषा का इंटरनल असेसमेंट पास नहीं कर पाता है, तो स्कूल को बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित होने से पहले दोबारा असेसमेंट करवाना होगा। कक्षा 9 के छात्रों के लिए इस पॉलिसी में कुछ छूट दी गई है। जो छात्र तीसरी भाषा की परीक्षा में फेल हो जाते हैं, उन्हें भी कक्षा 10 में प्रमोट कर दिया जाएगा। हालांकि, कक्षा 10 में पढ़ाई के दौरान उन्हें अगले एकेडमिक ईयर में कक्षा 9 की बाकी बची परीक्षा पास करनी होगी।
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