By अंकित सिंह | Jul 08, 2026
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बुधवार को दिल्ली और पंजाब से छह संदिग्ध ऑपरेटिव्स को गिरफ़्तार किया। उनसे पूछताछ में पता चला कि पाकिस्तान में मौजूद ISI के कथित हैंडलर शहज़ाद भट्टी के कहने पर राजधानी की अहम जगहों पर पेट्रोल बम से हमले करने की साज़िश रची जा रही थी। आरोपियों ने कथित तौर पर दिल्ली में सिविल लाइंस स्थित न्यू पुलिस लाइंस, आनंद विहार इंटर-स्टेट बस टर्मिनल (ISBT), एक रेलवे स्टेशन और भीड़-भाड़ वाले बाज़ार इलाकों की रेकी की थी। जांच के दौरान उनके मोबाइल फोन से इन जगहों के वीडियो बरामद किए गए।
जांचकर्ताओं ने बताया कि चैट में जिस ‘सामान’ का ज़िक्र था, उसका इस्तेमाल कथित तौर पर दिल्ली में पेट्रोल बम हमलों के लिए किया जाना था। इससे पहले, जांच के दौरान दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राजघाट के पीछे विजय घाट से पेट्रोल बम बरामद किए थे। सूत्रों ने बताया कि ये छह आरोपी पाकिस्तान में मौजूद उन दस लोगों के संपर्क में थे जो कथित तौर पर शहज़ाद भट्टी के लिए काम कर रहे थे। अधिकारी इस साज़िश में उनकी भूमिका और शामिल होने की जांच कर रहे हैं।
खबरों के मुताबिक, दानिश उर्फ़ चांद मियां को दिल्ली में हमले की योजना बनाने और रेकी (जासूसी) करने का काम सौंपा गया था; भट्टी ने हमले के सफल होने पर उसे 20,000 रुपये देने का वादा किया था। उसका साथी सलमान कथित तौर पर हमले का वीडियो बनाने और फुटेज सीधे भट्टी को भेजने के लिए ज़िम्मेदार था। एक और आरोपी, दिल्ली के शाहीन बाग का रहने वाला तैयब, कथित तौर पर हथियारों की खेप लेने और उसे बेचने का काम संभालता था।
कहा जाता है कि गाज़ियाबाद के मोदीनगर के रहने वाले ज़ुबैर खान ने अमृतसर से हथियारों की खेप मंगवाई थी, जबकि मेरठ के अली फ़ज़ल पर इन हथियारों को बेचने का आरोप है। अमृतसर के रहने वाले मलकीत सिंह ने कथित तौर पर पाकिस्तान से ड्रोन के ज़रिए गिराए गए हथियारों को नेटवर्क के दूसरे सदस्यों तक पहुँचाने में मुख्य भूमिका निभाई थी। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा शहज़ाद भट्टी से जुड़े दो कथित मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने के बाद इन छह आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया। सीमा पार के बड़े नेटवर्क और पाकिस्तान में बैठे अन्य हैंडलर्स की जांच अभी भी जारी है।
देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।