By अभिनय आकाश | Oct 01, 2026
कांग्रेस लीडरशिप उत्तर प्रदेश में भी नेतृत्व बदलने पर विचार कर रही है। संगठन में संभावित फेरबदल का हिस्सा हो सकता है। राहुल गांधी ने कल उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के साथ आमने-सामने की बैठक की। खबरों के मुताबिक, इस अहम बैठक में यूपी के हालात और भविष्य में नेतृत्व के मुद्दे पर चर्चा हुई। यूपी में शीर्ष पद के लिए अजय राय को राहुल गांधी ने ही चुना था। राहुल गांधी ने कई बार 2024 के लोकसभा चुनावों में वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अजय राय के चुनावी मुकाबले का भी ज़िक्र किया है। हालांकि, यूपी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अब राज्य में अलग-अलग सामाजिक समूहों तक पहुंचने और सही जातिगत समीकरण बनाने पर विचार कर सकती है। इस बीच, यूपी के नए प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और राज्य कांग्रेस प्रमुख अजय राय के बीच सब कुछ ठीक नहीं हो चल रहा है। कांग्रेस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अध्यक्ष के साथ कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की भी चर्चा चल रही है। अब चर्चा है कि उनकी जगह पर विधायक आराधना मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। साथ ही एक ओबीसी और एक मुस्लिम कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाए जा सकते हैं।
आराधना मिश्रा, जिन्हें मोना मिश्रा के नाम से भी जाना जाता है, सीनियर कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। वह प्रतापगढ़ की रामपुर खास विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक हैं और 2017 में कांग्रेस से जीतने वाले सात उम्मीदवारों में से एक थीं। 2022 में भी कांग्रेस ने इस सीट को बनाए रखने के मकसद से उन्हें एक बार फिर रामपुर खास से मैदान में उतारा था। आराधना मिश्रा (मोना) 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में रामपुर खास सीट से कांग्रेस (INC) की टिकट पर दोबारा जीत दर्ज की। गांधी परिवार के बेहद करीबी और भरोसेमंद नेताओं में शुमार प्रमोद तिवारी की राजनीतिक विरासत को उनकी बेटी आराधना मिश्रा 'मोना' मजबूती से आगे बढ़ा रही हैं। रामपुर खास से विधायक आराधना मिश्रा की सक्रियता को देखते हुए अब आगामी चुनावों से पहले उन्हें पार्टी संगठन में कोई बड़ा और अहम पद सौंपे जाने की चर्चाएं जोरों पर हैं।