By अनन्या मिश्रा | Mar 04, 2026
होली के मौके पर अधिकतर लोग मथुरा-वृंदावन जाने की तैयारी करते हैं। वहीं कुछ लोग साल में दो से तीन बार वृंदावन श्रीकृ्ष्ण के दर्शन के लिए जाते हैं। ऐसे में अगर आप भी वृंदावन जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आपको वृंदावन के इन फेमस मंदिरों के बारे में जान लेना चाहिए। वृंदावन जाने के बाद आमतौर पर लोग सबसे पहले निधिवन के दर्शन करते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको वृंदावन के कुछ प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं। जहां पर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर आप भावविभोर हो उठेंगे।
निधिवन में सुबह 05:30 बजे मंगला आरती की जाती है। इसके बाद आपको यहां पर कुछ ऐसा देखने को मिलेगा, जिसको देखकर आपको अपनी आंखों पर यकीन नहीं होगा। आप पाएंगे कि दातुन, लड्डू और पान आदि जो ठाकुर जी के लिए रखे गए हैं, वह आधे इस्तेमाल किए हुए हैं। लड्डू आधा, पान चबाया हुआ और दातुन उपयोग में लिया होता है। हालांकि बहुत कम लोग इस सच पर भरोसा करते हैं, लेकिन आपको जाकर की साक्षात यह नजारा देखने को मिल सकता है।
आपको यहां पर यमुना जी के दर्शन के लिए भी जाना चाहिए। आप यमुना किनारे बैठकर कुछ देर के लिए राधा रानी के कीर्तन कर सकते हैं। साथ ही हर किसी को यमुना का जल जरूर ले जाना चाहिए। क्योंकि भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं यमुना नदी में कई लीलाएं की हैं।
वहीं आप वृंदावन के फेमस बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के लिए जा सकते हैं। बताया जाता है कि इस मंदिर का निर्माण भगवान श्रीराम के वंशजों ने कराया था। इस मंदिर में बांके बिहारी के बाल रूप की पूजा की जाती है। बांके बिहारी मंदिर अपने परदे वाली दर्शन परंपरा, अद्भुत मूर्तियों और भक्त वत्सलता के लिए जाना जाता है।
बांके बिहारी मंदिर से 5 मिनट की दूरी पर स्नेह बिहारी मंदिर है। यह एक ऐसी जगह है, जहां पर आप खुद को कुछ समय के लिए सांसारिक जीवन से दूर करते हुए शांति का एहसास कर सकते हैं। बताया जाता है कि आज से करीब 250 साल पहले मंदिर में स्नेही लाल गोस्वामी नामक व्यक्ति भगवान की सेवा करता था। एक बार स्नेही लाल गोस्वामी ने पूजा करने के दौरान बांके बिहारी जैसा बच्चा होने की इच्छा जताई। भगवान की कृपा से स्नेही लाल गोस्वामी को काले रंग की मूर्ति मिली। जिसके सम्मान में उसने बांके बिहारी मंदिर बनवाया।
इसके बाद आप राधा रमण और राधा वल्लभ मंदिर के दर्शन के लिए जा सकते हैं। राधा रमण मंदिर स्टेशन से सिर्फ 2 किमी दूर है। य़ह मंदिर राधा रानी को समर्पित है। यहां पर श्रीराधा रानी के चेहरे पर एक जादुई मुस्कान हैं। वहीं राधा-वल्लभ मंदिर में आप श्रीराधा और कृष्ण भगवान के एक साथ दर्शन कर सकते हैं।
यह मंदिर गोकुल में स्थित है। माना जाता है कि इसकी चार परिक्रमा करने से व्यक्ति को गोवर्धन की परिक्रमा के बराबर फल मिलता है। अगर आपने तीनों ठाकुरों के दर्शन कर लिए हैं, तो समझ लीजिए कि आप पर बिहारी जी ने अपनी कृपा दृष्टि डाली है और आपकी बृज यात्रा पूरी हो गई है।