By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 01, 2026
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आर्थिक विकास दर से जुड़े प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयान को लेकर मंगलवार को उन पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि लोगों से ‘‘झूठ बोलने की उनकी क्षमता’’ के अलावा आर्थिक मोर्चे पर कुछ नहीं बदला है। उन्होंने कहा कि आम लोग बेरोजगारी, महंगाई और बढ़ती असमानता से परेशान हैं, जबकि सरकार सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि का जश्न मना रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को अप्रैल-जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि की सराहना की थी और भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाने वालों पर तंज कसते हुए कहा था, निराशावादी नाकाम हुए और भारत एक बार फिर खिल उठा।
उन्होंने जुलाई, 2026 में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के छह में से एक युवा के बेरोजगार होने का भी दावा किया और कहा कि हर साल दो करोड़ रोजगार देने का वादा टूट चुका है। खरगे ने खुदरा महंगाई को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि खुदरा मुद्रास्फीति 19 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है और चीनी, प्याज, टमाटर, दाल, खाद्य तेल, चावल तथा दूध जैसी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं की कीमतें आम लोगों पर बोझ डाल रही हैं।
उन्होंने पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और सीएनजी की कीमतों का भी जिक्र किया। उन्होंने आर्थिक असमानता को लेकर आरोप लगाया, ‘‘देश में शीर्ष एक प्रतिशत लोगों के पास कुल संपत्ति का 40 प्रतिशत हिस्सा है, जबकि निचले 50 प्रतिशत लोगों के पास केवल 15 प्रतिशत संपत्ति है।’’ कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार पर ‘‘बेलगाम मित्रवादी पूंजीवाद’’ को आर्थिक नीति बनाने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि 2014 के बाद से 16 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कॉरपोरेट कर्ज माफ किए गए हैं। उन्होंने एक मीडिया व्यवसायी के मामले का उल्लेख करते हुए दावा किया कि 22,006 करोड़ रुपये के स्वीकार किए गए दावों के मुकाबले ऋणदाताओं को केवल 6.5 करोड़ रुपये की वसूली हुई।
खरगे ने प्रधानमंत्री पर एक कारोबारी मित्र के हितों के लिए काम करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भारतीय नागरिकों से सोना नहीं खरीदने और विदेश यात्रा नहीं करने की अपील किए जाने का हवाला देते हुए कहा कि ये टिप्पणियां देश की ‘‘जमीनी हकीकत’’ से अलग हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘तथ्य यह है कि कुछ नहीं बदला है, सिवाय आपकी (मोदी) लोगों से झूठ बोलने की क्षमता के।