By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 07, 2026
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में हाल ही में लगी भीषण आग के मामले में गिरफ्तार किए गए राज्य के एक निवासी के प्रकरण में हस्तक्षेप किया है। बुधवार को हुए इस अग्निकांड में 21 लोगों की मौत हो गई थी। धामी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से बात कर होटल में रसोइये के रूप में काम करने वाले आरोपी केशव नेगी के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की।
इस बीच, उत्तराखंड कांग्रेस ने गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हुए इसे दिल्ली सरकार और पुलिस द्वारा असली दोषियों को बचाने का प्रयास बताया है। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने गिरफ्तारी के आधार पर सवाल उठाते हुए कहा कि नेगी होटल में केवल रसोइये के रूप में कार्यरत था और अग्नि सुरक्षा प्रोटोकॉल के लिए उसपर कोई जिम्मेदारी नहीं थी।
‘फेसबुक’ पर एक वीडियो संदेश में गोदियाल ने कहा कि आग लगने के दौरान लोगों का सुरक्षा के लिए भागना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि जांच में इस बात पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए कि क्या होटल में आग बुझाने की उचित व्यवस्था थी और क्या स्थानीय नगर निगम निरीक्षकों ने अपना कर्तव्य निभाया था। उन्होंने चेतावनी दी कि दिल्ली में रह रहे उत्तराखंड के 10 लाख से अधिक प्रवासियों के खिलाफ भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दिल्ली पुलिस ने शनिवार को नेगी को गिरफ्तार कर लिया। जांचकर्ताओं का आरोप है कि प्रारंभिक निष्कर्षों से संकेत मिलता है कि बुधवार सुबह लगी आग में उसकी लापरवाही की भूमिका हो सकती है। दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को नेगी को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। बुधवार सुबह होटल में लगी भीषण आग ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे 16 वर्षीय एक किशोरी सहित 21 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में किर्गिस्तान, नाइजीरिया, बांग्लादेश, इराक, कांगो, मोजाम्बिक और लाइबेरिया के कई विदेशी नागरिक भी शामिल थे।