By अंकित सिंह | Jul 28, 2022
शिक्षक भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय के रडार पर आए पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी को ममता बनर्जी ने मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। पार्थ चटर्जी के खिलाफ ममता बनर्जी का यह एक्शन कैबिनेट की बैठक के ठीक बाद लिया गया है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि मैंने पार्थ चटर्जी को मंत्री पद से हटा दिया है। मेरी पार्टी सख्त कार्रवाई करती है। इसके पीछे कई योजनाएँ हैं लेकिन मैं विवरण में नहीं जाना चाहती। आपको बता दें कि पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के घर से ईडी की छापेमारी में अब तक 55 करोड़ से ज्यादा रकम मिल चुके हैं। इसके अलावा 5 किलो तक का सोना भी बरामद किया गया है। भाजपा पार्थ चटर्जी को लेकर जबरदस्त तरीके से ममता बनर्जी के खिलाफ आक्रमक थी। यही कारण रहा कि ममता बनर्जी ने पार्थ चटर्जी को मंत्री पद से हटा दिया है।
प्रवर्तन निदेशालय ने पार्थ चटर्जी को धनशोधन मामले में गत शनिवार को गिरफ्तार किया था। प्रवर्तन निदेशालय स्कूल सेवा आयोग द्वारा की गई शिक्षकों की भर्ती में कथित अनियमितता के आरोपों की जांच कर रहा है। इससे पहले ममता बनर्जी ने पार्थ चटर्जी को लेकर कहा था कि जब आप एक बड़ा संस्थान चलाते हैं, तो गलतियां हो सकती हैं। यदि किसी ने कोई गलती की है और वह कानूनी रूप से साबित हो गया है, तो उसे दंडित किया जाना चाहिए लेकिन मैं किसी भी दुर्भावनापूर्ण मीडिया अभियान के खिलाफ हूं। केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने आज दावा किया था कि आप पार्थ चटर्जी के दस्तावेज देखें, चाहे आप अर्पिता की आवाजें सुनें, चाहे इनके मंत्रियों के यहां जो छापे पड़े उनकी कहानी देखें, तो एक ही बात समझ में आती है कि करीब 50 करोड़ रुपये अर्पिता के यहां से बरामद हुए और 9 किलो के आसपास सोना मिला है, अनगिनत संपत्ति के दस्तावेज मिलें हैं।
ममता पर उन्होंने हमला करते हुए कहा कि आज आप सबके माध्यम से मैं देश की जनता को याद दिलाना चाहती हूं कि जो लोग मां, माटी, मानुष का नारा देते थे। आज वो केवल एक ही आवाज निकाल रहे हैं Money, Money, Money. इस 3M के अलावा उनके पास कहने को कुछ नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पार्थ चटर्जी की एक और जानकार मोनालिसा दास जो 2014 में एक यूनिवर्सिटी में भर्ती हुई, आज वो वहां प्रोफेसर हैं और बंगाली की हेड ऑफ डिपार्टमेंट हैं। उनके नाम पर 10 फ्लैट के कागज हैं। भाजपा ने दावा किया कि हैरानी की बात ये है कि जहां पैसे का अंबार निकल रहा है, वहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जी एकदम चुप बैठी हैं। नारदा, शारदा चिटफंड, कोयला एवं आज जो शिक्षक भर्ती में घोटाले सामने आए हैं, ED को इसकी अच्छी तरह से जांच करनी चाहिए।