By अभिनय आकाश | Jun 08, 2026
ममता बनर्जी ने सोमवार को इंडिया ब्लॉक की बैठक में भाग लिया, लेकिन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राज्यसभा सांसद सुखेन्दु शेखर रॉय के अचानक इस्तीफा देने और पार्टी छोड़ने के बाद उनकी मुश्किलें और बढ़ गईं। अपने इस्तीफे पत्र में रॉय ने पार्टी के भीतर भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि 2026 के पश्चिम बंगाल चुनावों में जनता का जनादेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में है। इसके तुरंत बाद, 11 अन्य सांसदों ने दिल्ली स्थित रॉय के आवास पर उनसे मुलाकात की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से भी मुलाकात की, जिससे भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज हो गईं। गौरतलब है कि टीएमसी के लोकसभा में 28 और राज्यसभा में 13 सदस्य हैं।
सूत्रों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के 20 से अधिक सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर पार्टी के भीतर आंतरिक मतभेदों की अटकलों को और तेज कर दिया है। खबरों के मुताबिक, ये सांसद एक अलग समूह या यहां तक कि एक नया राजनीतिक गुट बनाने पर विचार कर रहे हैं, क्योंकि इसके लिए पर्याप्त संख्या में सांसद मौजूद हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि लोकसभा में टीएमसी का एक अलग गुट जल्द ही बन सकता है, हालांकि अंतिम निर्णय उचित समय पर लिया जाएगा।