By रितिका कमठान | Dec 06, 2022
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसे जानने के बाद हर कोई हैरान है। यहां एक लड़की के अपहरण और हत्या के आरोप में एक व्यक्ति को जेल की सलाखों के पीछे सात साल का समय गुजारना पड़ा है। सजा काटने के बाद अब वो लड़की पुलिस को जिंदा मिली है।
जानें ये है मामला
मामला वर्ष 2015 का है जब सात फरवरी को 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। गांव की अनीता के इकलौते बेटे विष्णु पर अपहरण का शक जताया गया था। कई महीनों तक जांच के बाद भी लड़की का सुराग नहीं मिला। इसी बीच आगरा में एक लड़की की लाश मिली। उसके शरीर पर पहने हुए कपड़ों के आधार पर लड़की के पिता ने उसे अपनी बेटी बताते हुए विष्णु पर ही हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने विष्णु पर नाबालिग को बहला फुसलाकर और हत्या करने के मामले में सितंबर 2015 को जेल भेजा।
इसके बाद विष्णु का परिवार लगातार इस कोशिश में जुटा रहा कि कहीं से उन्हें लड़की का पता मिले। इसी बीच उसके परिवार को लड़की की जानकारी मिली। विष्णु की मां द्वारा मामले की जानकारी दिए जाने के बाद पुलिस हरकत में आई और युवती को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया।
मां ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को फंसाया गया है। विष्णु की मां अनीता ने कहा कि मेरा बेटा निर्दोष है, जिसे धोखे से फंसाया गया है। कोर्ट को इस मामले पर फैसला कर मेरे बेटे को बरी करना चाहिए। वो बिना अपराध के सलाखों के पीछे सात सालों से सड़ रहा है। वहीं पुलिस इस मामले की दोबारा छानबीन में जुटी है और सच्चा पता लगाने की कोशिश कर रही है।