By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 30, 2022
भारतीय वाहन कंपनियों के महत्वपूर्ण प्रबंधन स्तर के अधिकारियों की अनुपालन प्रतिबद्धताओं को लेकर समझ काफी खराब है। टीमलीज रेगटेक की एक रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कारोबार के आकार के हिसाब से इस तरह के सैकड़ों कानून और हजारों नियम ऐसे हैं जिनके बारे में प्रबंधन स्तर के अधिकारियों को कम जानकारी है। भारत में एक ही राज्य में काम करने वाली एक छोटी वाहन विनिर्माण कंपनी एक साल में कम से कम 900 एकबारगी और जारी अनुपालनों पर काम करना होता है। जैसे-जैसे कंपनी का भौगोलिक विस्तार होता है, अनुपालनों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि महत्वपूर्ण अनुपालनों की स्थिति, तारीखों, दस्तावेजीकरण और गैर-अनुपालन के जोखिम पर ये अधिकारी अच्छी स्थिति में नहीं हैं यानी उनको इसकी जानकारी नहीं है। यह सर्वेक्षण अप्रैल और मई, 2022 के दौरान किया गया। सर्वे में 95 प्रतिशत अधिकारियों ने कहा कि पिछले 12 माह के दौरान वे महत्वपूर्ण अनुपालन के मोर्चे पर कम से कम एक बार चूके हैं। वहीं 92 प्रतिशत ने कहा कि इस अवधि में उन्होंने जुर्माना अदा किया है। 97 प्रतिशत का कहना था कि उनका अपने संगठन के अनुपालन कार्यक्रम पर अच्छा नियंत्रण नहीं है। इस सर्वे में 34 वाहन कंपनियों के प्रबंधन स्तर के अधिकारियों की राय ली गई।