By निधि अविनाश | Feb 27, 2022
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए देश को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने भारत से चोरी हुई मूर्तियों को देश में वापस लाने की बात कहीं। उन्होंने कहा कि, हमारे हजारों वर्षों के इतिहास में, देश के विभिन्न हिस्सों में हमेशा एक से बेहतर मूर्तियाँ बनाई जा रही हैं; इसमें श्रद्धा, क्षमता, कौशल भी शामिल था और यह विविध विविधताओं से भरा था और हमारी प्रत्येक मूर्ति का इतिहास भी अपने-अपने समय के प्रभाव को दर्शाता है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि, जिन देशों में इन मूर्तियों को चुराकर ले जाया गया, उन्हें भी अब लगने लगा है कि भारत के साथ संबंधों में सॉफ्ट पावर के राजनयिक चैनल में भी इसका बहुत महत्व हो सकता है। इससे जुड़ी हैं भारत की भावनाएं; भारत की श्रद्धा भी जुड़ी हुई है, और एक तरह से यह लोगों से लोगों के संबंधों में भी बहुत ताकत पैदा करती है।
अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि, दुनिया की सबसे पुरानी भाषा तमिल भारत में है और हर भारतीय को गर्व होना चाहिए कि हमारे पास दुनिया की इतनी महत्वपूर्ण विरासत है। इसी प्रकार अनेक प्राचीन शास्त्र भी हैं; उनकी अभिव्यक्ति भी हमारी संस्कृत भाषा में है।भाषा केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज की संस्कृति और विरासत को संरक्षित करने का भी कार्य करती है। पीएम मोदी ने भारत की अनेक भाषाओं का उल्लेख किया और बताया कि, मातृभाषा का अपना विज्ञान है और इस विज्ञान को समझने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्थानीय भाषा में अध्ययन पर जोर दिया गया है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि, श्रीनगर, कश्मीर में मिशन जल थाल नाम का एक ऐसा जन आंदोलन चल रहा है।पिछले सात वर्षों में देश में आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार पर बहुत ध्यान दिया गया है। आयुष मंत्रालय के गठन ने चिकित्सा और स्वास्थ्य के हमारे पारंपरिक तरीकों को लोकप्रिय बनाने के हमारे संकल्प को और मजबूत किया है।