By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 17, 2026
आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने सोमवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार पात्र मराठा समुदाय के सदस्यों को जारी किए जाने वाले कुनबी जाति प्रमाणपत्रों की संख्या कम करना चाहती है। उन्होंने मांग की कि 58 लाख रिकॉर्ड के आंकड़ों के आधार पर प्रमाणपत्र जारी किए जाएं। जरांगे ने मराठा समुदाय से अपनी मांगों को लेकर आक्रामक रुख अपनाने और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।
सरकार को 58 लाख रिकॉर्ड के आधार पर सभी प्रमाणपत्र जारी करने चाहिए। सरकार 58 लाख के इस आंकड़े को कम करना चाहती है, लेकिन मैं ऐसा नहीं होने दूंगा।’’ उन्होंने मांग की कि अब तक जारी किए गए कुनबी जाति प्रमाण-पत्रों को मान्य किया जाए। जरांगे की अन्य मांगों में सातारा, कोल्हापुर, औंध और बॉम्बे गजट के संबंध में आदेश जारी करना, मराठा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेना और 29 अगस्त से पहले एसईबीसी (सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग) तथा ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग) कोटे के तहत चयनित उम्मीदवारों को सरकारी नियुक्तियां देने की प्रक्रिया पूरी करना शामिल है।
जरांगे ने कहा, ‘‘सरकार को लंबित बकाया राशि जारी करनी चाहिए और मराठा आरक्षण के लिए अपनी जान गंवाने वालों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। अन्नासाहेब पाटील महामंडल के जरिए मिलने वाली प्रतिपूर्ति और छात्रों की छात्रवृत्ति का भुगतान 29 अगस्त तक कर दिया जाना चाहिए।’’ जरांगे ने मांग की कि ‘सारथी’ के जरिए बंद की गई योजनाओं को फिर से शुरू किया जाए और उनके लिए पर्याप्त धनराशि जारी की जाए। छत्रपति शाहू महाराज अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं मानव विकास संस्थान(सारथी) राज्य सरकार का एक स्वायत्त संस्थान है।