By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 15, 2026
मुंबई में प्रदर्शन करने की पुलिस से अनुमति न मिलने के बावजूद, अनशन पर बैठे मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने मंगलवार सुबह जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव से मुंबई के लिए कूच किया। कुनबी जाति की वंशावली वाले मराठा समुदाय के सदस्यों के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण की मांग को लेकर पिछले 17 दिन से अनशन पर बैठे जरांगे को मुंबई पुलिस ने गणेश उत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था की चिंताओं का हवाला देते हुए आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। हालांकि, जरांगे अपने रुख पर कायम रहे और उन्होंने महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से मराठा समुदाय के लोगों को मुंबई में जुटाने की अपनी पहले की योजना में बदलाव किया।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरे लिए मेरे समुदाय से बढ़कर कुछ नहीं है। मैं अपने समुदाय के लिए जान दे दूंगा या उनके लिए आरक्षण हासिल करूंगा। अदालत ने कहा है कि अगर कोई लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहा है तो उसे रोका नहीं जा सकता।
न्यायपालिका हमारे साथ है।’’ जरांगे ने उनकी हत्या की साजिश रचने के आरोपों को दोहराया। आरक्षण कार्यकर्ता ने कहा, ‘‘क्या (मुख्यमंत्री) देवेंद्र फडणवीस मुझे गोली मरवाना चाहते हैं? मैं अकेला आ रहा हूं।
उन्होंने मुझे मारने की साजिश रची है। भले ही वे मुझे मार डालें, मैं मराठा समुदाय के साथ विश्वासघात नहीं होने दूंगा।’’ फडणवीस और राज्य मंत्रिमंडल के अन्य मंत्रियों ने जरांगे से बार-बार अनशन खत्म करने की अपील करते हुए कहा था कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और कानूनी रूप से वैध मांगों को स्वीकार करेगी। जरांगे का काफिला बीड के पाटोदा, अहिल्यानगर के श्रीगोंदा, पुणे के हडपसर और रायगढ़ जिले के खोपोली से होते हुए 19 सितंबर को मुंबई के आजाद मैदान पहुंचेगा।
इससे पहले सुबह जरांगे की स्वास्थ्य जांच की गई। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज को नमन किया और गांव के दो मंदिरों में माथा टेका। अंतरवाली सराटी-शाहगढ़ मार्ग पर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।
अधिकारियों ने कहा कि तैनात किए गए सुरक्षाबल में तीन उपविभागीय पुलिस अधिकारी, 10 निरीक्षक, 30 सहायक/उप-निरीक्षक, 300 पुलिसकर्मी, 265 होमगार्ड आदि शामिल हैं। विभिन्न संवेदनशील बिंदुओं पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। जरांगे के काफिले में दो एसयूवी और दो एम्बुलेंस शामिल हैं।
जालना पुलिस द्वारा दिए गए दो अंगरक्षकों के साथ-साथ छत्रपति संभाजीनगर की अतिरिक्त विशेष सुरक्षा इकाई (एसपीयू) के कर्मियों के साथ जरांगे की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।