By रेनू तिवारी | Mar 20, 2022
फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' को लेकर कई जगह विरोध हो रहा है। फिल्म पर राजनीति पार्टियों की छवी खराब करने का आरोप लगाया जा रहा है। फिल्म को लेकर पार्टियां भाजपा पर भी निशाना साथ रही हैं और आरोप लगा रही हैं कि फिल्म के माध्यम से मुस्लिमों के लिए नफरत भड़काई जा रही हैं और इससे राजनीतिक फायदा उठाया जाएगा। चुनावों में महाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव के दौरान फिल्म से राजनीतिक फायदा उठाया जाएगा। ऐसे में फिल्म को लेकर अब शिवसेना ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी हैं। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के चुनाव जल्द ही होने वाले हैं। शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि आने वाले चुनावों में 'द कश्मीर फाइल्स' किसी को राजनीतिक लाभ नहीं देगी। कश्मीरी पंडितों के पलायन पर आधारित विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ने विवाद छेड़ दिया है क्योंकि आलोचकों को डर है कि फिल्म मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नफरत को भड़काएगी।
जहां कांग्रेस नेताओं ने फिल्म निर्माता पर गुस्सा भड़काने और हिंसा को बढ़ावा देने के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया है, वहीं इस फिल्म का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा नेताओं ने समर्थन किया था। विरोधियों पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि "जो लोग अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का झंडा लहराते हैं, वह पूरा झुंड पिछले कुछ दिनों से चकरा गया है।"
आरोपों और जवाबी आरोपों के बीच राउत ने पहले कहा था कि 'द कश्मीर फाइल्स' की राजनीति सही नहीं है। पार्टी के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे द्वारा कश्मीर पंडितों के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए, जिसे फिल्म में भी उजागर किया गया था, राज्यसभा सदस्य ने कहा कि पूरा देश कश्मीर और कश्मीरी पंडितों के लिए सेना की भावनाओं को जानता है।