By अभिनय आकाश | May 15, 2026
बीजिंग द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो चीन में कैसे प्रवेश कर पाए? दरअसल, यह चीन द्वारा अपनाई गई भाषाई तरकीब और राजनयिक प्रोटोकॉल की बदौलत संभव हो पाया। रुबियो पर चीन ने सीनेटर रहते हुए दो बार प्रतिबंध लगाए थे। बीजिंग द्वारा रुबियो के नाम के लिप्यंतरण में बदलाव किए जाने के बाद रुबियो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की चीन की पहली यात्रा पर उनके साथ गए। अल जज़ीरा के एलन फिशर ने चीनी राजधानी से रिपोर्ट करते हुए कहा कि चीन ने यह चालाकी से किया है। इस यात्रा के आधिकारिक दस्तावेजों में उनके नाम की वर्तनी अलग है।
ये प्रतिबंध उस समय से लागू हैं जब रुबियो 2019 से लेकर ट्रंप प्रशासन में शामिल होने के लिए नामित होने तक फ्लोरिडा से अमेरिकी सीनेटर के रूप में कार्यरत थे।हांगकांग में बीजिंग की दमनकारी कार्रवाई के खिलाफ बोलने के लिए चीनी सरकार ने उन पर 2020 में दो बार प्रतिबंध लगाए, हांगकांग एक पूर्व ब्रिटिश उपनिवेश है जो चीन की पकड़ से अधिक स्वायत्तता की मांग कर रहा है।