Ramadan Couple Guide: रोजे में पति-पत्नी के रिश्ते की मर्यादा क्या है? जानें क्या जायज और क्या नाजायज

By एकता | Feb 19, 2026

रमजान के दौरान दिन में रोजे की हालत में किसी भी तरह की सेक्सुअल एक्टिविटी पूरी तरह मना है। लेकिन मगरिब (इफ्तार) के बाद से लेकर अगली सुबह फज्र शुरू होने तक, पति-पत्नी के बीच संबंध बनाना मना नहीं है। रोजे के लंबे दिन, घर की जिम्मेदारियां, तरावीह और कियाम-उल-लैल की तैयारी, इन सबके बीच यह जानना बहुत जरूरी है कि रमजान में क्या करना सही है और क्या नहीं।

इसे भी पढ़ें: Ramadan में Modern Dating कितनी जायज? जानें Unmarried Couples के लिए क्या हैं सख्त हिदायतें

अपने पति के लिए समय निकालें

सच यह है कि रमजान में जिंदगी बहुत व्यस्त हो जाती है, खासकर जब छोटे बच्चे हों। लेकिन अगर हम पहले से थोड़ी प्लानिंग करें और अपनी असली मंजिल जन्नत को याद रखें, तो चीजें आसान हो जाती हैं। इस्लाम में पति को खुश करना एक नेक अमल है। जब आप अपने पति के लिए समय निकालती हैं, सब्र रखती हैं, गुस्से पर काबू करती हैं और नरमी से पेश आती हैं, तो हर अच्छे इरादे पर आपको सवाब मिलता है।

पति के साथ सहरी और इफ्तार करें

पति के साथ सहरी और इफ्तार करना उनके साथ समय बिताने का एक बहुत सुंदर तरीका है। इस समय आप अपने रमजान के लक्ष्यों पर बात कर सकती हैं। एक-दूसरे को याद दिला सकती हैं कि आप अल्लाह के लिए रोजा रख रहे हैं। अगर आपके पति मस्जिद में इफ्तार करते हैं, तो रात में हल्का खाना साथ बैठकर खा सकती हैं। हर दिन संभव न हो, तो हफ्ते में 2–3 दिन ही सही। बच्चों को भी साथ बैठाइए, ताकि घर का माहौल सुकून भरा और प्यार भरा बने।

अपने पति से मदद लें

मदद मांगना कमजोरी नहीं है। रमजान में पति अगर बच्चों को संभालने में और सहरी या इफ्तार की तैयारी में मदद करें, तो इससे प्यार और समझ बढ़ती है। रमजान शुरू होने से पहले उनसे आराम से बात करें और बता दें कि वे किन कामों में हाथ बंटा सकते हैं। उन्हें यह भी याद दिलाएं कि रमजान में मदद करने का सवाब बहुत बड़ा होता है।

एक-दूसरे को हदीस या अच्छे मैसेज भेजें

जैसे लोग 'आई लव यू' वाले नोट छोड़ते हैं, वैसे ही रमजान में, कोई हदीस, कोई दुआ या कोई अच्छा इस्लामिक मैसेज, व्हाट्सऐप या मैसेज के जरिए भेजें। यह छोटा सा काम दिलों को बहुत करीब ले आता है।

इसे भी पढ़ें: Relationship में बराबरी जरूरी, हिसाब-किताब नहीं, Expert से जानें इसे कैसे करें Deal

एक-दूसरे की हिम्मत बढ़ाएं

पति-पत्नी एक-दूसरे को कुरान पढ़ने, दुआ याद करने और समय पर नमाज पढ़ने के लिए हौसला दें। हर अच्छा शब्द सवाब भी लाता है और प्यार भी बढ़ाता है। क्योंकि जो लोग हमें बेहतर बनने के लिए प्रेरित करते हैं, वही सच में हमसे प्यार करते हैं।

एतिकाफ से लौटने पर उनके लिए तैयार रहें

अगर आपके पति एतिकाफ में जा रहे हैं, तो उनके लौटने से पहले घर को सलीके से सजाएं, उनके लिए साफ कपड़े और सुकून भरा माहौल तैयार रखें। 10 दिन अल्लाह की इबादत में रहने के बाद, आपकी यह कोशिश उन्हें बहुत अच्छा महसूस कराएगी। पति को खुश करने की नियत से किया गया हर काम अल्लाह को भी पसंद होता है।

चुपके से दुआ करें

रमजान दुआ कबूल होने का महीना है। अल्लाह से दिल से दुआ करें कि आपकी शादी में बरकत दे, आप दोनों के बीच प्यार और समझ बढ़ाए। जिंदगी कितनी भी व्यस्त क्यों न हो, रमजान में रिश्ते को संभालने की आपकी हर सच्ची कोशिश का फल जरूर मिलेगा।

प्रमुख खबरें

Asian Wrestling में भारत का गोल्डन डे, Sujit और Abhimanyu ने Gold Medal जीतकर रचा इतिहास

IEA की चेतावनी! रूस के Oil Ports पर हमले भारत के लिए बड़ा खतरा, सप्लाई पर असर

Crude Oil की आग से कंपनियों को रोज 1600 करोड़ का Loss, आपकी जेब पर असर तय!

Delhi से Dehradun अब सिर्फ 2.5 घंटे में! New Expressway से 6 घंटे का मुश्किल सफर हुआ आसान