By Ankit Jaiswal | Oct 27, 2026
देश की सबसे बड़ी यात्री वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया के लिए दूसरी तिमाही बिक्री के लिहाज से शानदार रही, लेकिन मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई। कंपनी ने मंगलवार को बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही में उसका कुल शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 26.4% घटकर 2,466.1 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि, इस दौरान कंपनी की परिचालन से होने वाली आय 26% बढ़कर 53,355.5 करोड़ रुपये पहुंच गई।
मारुति सुजुकी का ऑपरेशन मुनाफा भी पिछले साल की समान तिमाही के 3,382 करोड़ रुपये से 17.1% घटकर 2,803.7 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि, अप्रैल-जून तिमाही के मुकाबले इसमें 10.8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी के अलग से जारी वित्तीय नतीजों के मुताबिक, उसका शुद्ध मुनाफा पिछले साल के 3,302.8 करोड़ रुपये से घटकर 2,414.9 करोड़ रुपये रह गया।
बिक्री के मोर्चे पर कंपनी ने नया रिकॉर्ड बनाया है। जुलाई से सितंबर के बीच मारुति सुजुकी ने कुल 6,96,654 वाहन बेचे, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 26.5% अधिक हैं। छोटी कारों की बिक्री में 35.9% की बढ़ोतरी हुई, जबकि एसयूवी की बिक्री 68.2% बढ़ी। कंपनी ने बताया कि हाल में पेश किए गए नए एसयूवी मॉडलों को ग्राहकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।
घरेलू बाजार में भी कंपनी की स्थिति मजबूत हुई है। पैसेंजर गाड़ियों के बाजार में उसकी हिस्सेदारी 2.2 प्रतिशत अंक बढ़कर 40.8% हो गई। उत्पादन क्षमता बढ़ाने के बावजूद मांग आपूर्ति से आगे बनी हुई है। सितंबर के अंत में कंपनी के डीलर नेटवर्क के पास करीब 17 दिनों की बिक्री के बराबर वाहन उपलब्ध थे, जबकि लगभग 2 लाख गाड़ियों की बुकिंग लंबित थी। इससे पता चलता है कि कई मॉडल के लिए ग्राहकों को अभी इंतजार करना पड़ रहा है।
दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कंपनी के निर्यात में मामूली गिरावट आई। तिमाही के दौरान उसने 1,08,119 वाहन विदेश भेजे, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 1,10,487 थी। कंपनी ने इसके पीछे चुनौतीपूर्ण वैश्विक और भू-राजनीतिक हालात को अहम वजह बताया है।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में भी मारुति सुजुकी ने बिक्री का रिकॉर्ड बनाया। अप्रैल से सितंबर के बीच कुल 13,79,378 वाहन बिके, जो सालाना आधार पर 27.9% अधिक हैं। इनमें 11,46,523 वाहन घरेलू बाजार में बिके और 2,32,855 का निर्यात हुआ। इस दौरान कंपनी की अलग से दर्ज शुद्ध बिक्री 1,00,574.6 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल यह 76,756.4 करोड़ रुपये थी। हालांकि, छमाही का शुद्ध मुनाफा 7,060.9 करोड़ रुपये से घटकर 5,767 करोड़ रुपये रह गया।
गौरतलब है कि कंपनी के तिमाही नतीजे घोषित होने से पहले मंगलवार को उसके शेयर में 1.6% की तेजी आई और यह 11,450 रुपये पर पहुंच गया था। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि बढ़ती मांग और बिक्री के बीच कंपनी कच्चे माल की लागत को संभालकर आने वाली तिमाहियों में मुनाफे में सुधार कैसे करती है।