अमेरिका में चुनाव के पीछे है ‘270’ का गणितीय खेल

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 03, 2020

वाशिंगटन। अनेक लोगों के मन में सवाल उठता है कि अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के पीछे ‘270’ का क्या चक्कर है? असल में, यह एक जादुई संख्या और गणितीय खेल है जो निर्वाचक मंडल के रूप में तय करता है कि अगले चार साल तक व्हाइट हाउस में कौन बैठेगा। निर्वाचक मंडल के महत्व पर जाएं तो इसके महत्व का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में हिलेरी क्लिंटन को लगभग 29 लाख अधिक मत मिले थे, लेकिन फिर भी वह चुनाव हार गई थीं। इस चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप विजयी रहे थे क्योंकि अमेरिकी संविधान की निर्वाचक मंडल रूपी व्यवस्था के आंकड़ों में उन्हें सफलता मिली थी। इस जादुई संख्या रूपी व्यवस्था में अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के लिए किसी भी उम्मीदवार को निर्वाचक मंडल के कम से कम 270 मतों की आवश्यकता होती है। यह देश के 50 राज्यों के 538 सदस्यीय निर्वाचक मंडल में बहुमत का जादुई आंकड़ा है। प्रत्येक राज्य को अलग-अलग संख्या में निर्वाचक मंडल मत आवंटित हैं जो इस आधार पर तय किए गए हैं कि प्रतिनिधि सभा में उसके कितने सदस्य हैं। इसमें दो सीनेटर भी जोड़े जाते हैं। 

प्रमुख खबरें

Kumkum Mohod ने तोड़ा कोरियाई दबदबा, Asian Games में रिकर्व स्वर्ण जीतकर रचा इतिहास

बाजार से खरीदने का झंझट खत्म, Navratri के लिए घर पर ही बनाएं डिजाइनर Dandiya Sticks

Delhi Metro के 57 स्टेशन बंद, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने को 25 हजार जवान तैनात

CPIM नेता Bikash Ranjan Bhattacharyya के बयान पर भड़के सुवेंदु, घर पर हमले में एक अरेस्ट