Matrubhoomi: भारत के पहले फील्ड मार्शल जिसके नेतृत्व में भारत ने 1971 की जंग में पाकिस्तान को चटाई थी धूल

By निधि अविनाश | Apr 08, 2022

3 अप्रैल को भारत में फील्ड मार्शल सैम होर्मसजी फ्रामजी जमशेदजी मानेकशॉ की 108वीं जयंती मनाया जाता है। मानेकशॉ 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान भारतीय सेना के सेनाध्यक्ष थे। इसके अलावा वह फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत होने वाले पहले भारतीय सेना अधिकारी थे। सैम मानेकशॉ को प्यार से सैम बहादुर भी कहा जाता था। 1914 में फील्ड मार्शल के पांच सितारा रैंक में पदोन्नत होने वाले पहले भारतीय सेना अधिकारी थे। उनका शानदार सैन्य करियर चार दशकों में फैला और उन्होंने पांच अलग-अलग युद्धों में भाग लिया। अमृतसर में जन्में  मानेकशॉ के पिता एक डॉक्टर थे और वह भी एक डॉक्टर बनना चाहते थे। मानेकशॉ अपनी डॉक्टर की पढ़ाई के लिए लंदन जाना चाहते थे लेकिन उनके पिता ने उन्हें भेजने से इनकार कर दिया।

इसे भी पढ़ें: Matrubhoomi: मुगल शासक शाहजहां के प्यार की निशानी है ताजमहल, जानें इस इमारत से जुड़े रोचक तथ्य

साल 1947 के विभाजन के दौरान, सैम मानेकशॉ प्रशासनिक समाधान प्रदान करने और निर्णय लेने में सक्रिय थे। इसके अलावा, उन्होंने 1947 और 1948 में जम्मू और कश्मीर के अभियानों के दौरान खुद को एक लड़ाके के रूप में प्रतिष्ठित किया।मानेकशॉ ने 40 वर्षों तक सेना में सेवा की, पांच युद्ध लड़े: द्वितीय विश्व युद्ध, 1947 का भारत-पाकिस्तान संघर्ष, 1962 का भारत-चीन युद्ध, 1965 का भारत-पाकिस्तान युद्ध और बांग्लादेश मुक्ति युद्ध 1971। मानेकशॉ ने एक बार कहा था कि, अगर कोई आदमी कहता है कि वह मौत से नहीं डरता है, तो वह या तो झूठ बोल रहा है या गोरखा है,"। 94 वर्षीय मानेकशॉ की 27 जून, 2008 को तमिलनाडु के वेलिंगटन में सैन्य अस्पताल में निमोनिया से मृत्यु हो गई, रिपोर्टों के अनुसार, उनके अंतिम शब्द, "मैं ठीक हूँ!" थे।

प्रमुख खबरें

Hindustan Zinc में Stake Sale की तैयारी, ₹80,000 करोड़ का Disinvestment Target पूरा करेगी सरकार

Womens Asia Cup से पहले Pakistan को बड़ा झटका, Najiha Alvi चोटिल होकर बाहर, Sadaf Shamas की हुई एंट्री

England Cricket में बड़ा बवाल, Nightclub के बाहर हथकड़ी में दिखे Brydon Carse टेस्ट मैच से बाहर

हरियाणा में Godrej Group का मेगा प्लान, 20,000 करोड़ के Investment से खुलेंगे 40,000 Jobs के नए द्वार