मौलाना ने भगवान श्री कृष्ण को बताया मुसलमान, कहा- पढ़ते थे 5 वक्त की नमाज, भड़के संत

By अभिनय आकाश | Jul 16, 2026

सोशल मीडिया पर मौलाना जरजिस अंसारी का एक वीडियो वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। इस वीडियो में वे दावा करते दिख रहे हैं कि भगवान कृष्ण एक मुसलमान थे और दिन में पांच बार नमाज़ पढ़ते थे। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 23 जून को झारखंड में दिए गए एक धार्मिक भाषण का है। कृष्ण जन्मभूमि विवाद के बीच यह वीडियो फिर से सामने आया है, जिससे कई हिंदू संगठनों ने विरोध जताया है और मौलवी की गिरफ्तारी की मांग की है। अपने भाषण के दौरान, अंसारी ने भगवद् गीता का एक श्लोक उद्धृत किया  योगी युंजिता सततम् आत्मनम् रहसि स्थितः, एकाकी यत-चित्तात्मा निराशिर अपरिग्रहः और दावा किया कि इसमें भक्तों को “संपूर्ण शरीर से” उपासना करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने तर्क दिया कि स्वयं भगवान कृष्ण दिन में पांच बार उपासना करते थे।

इस श्लोक में नमाज़, इस्लाम या दिन में पांच बार प्रार्थना करने की प्रथा का कोई ज़िक्र नहीं है। अंसारी पहले भी विवादों में रहे हैं। 2022 में इस मौलवी का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने दावा किया था कि एक मुस्लिम महिला को किसी भी परिस्थिति में, यहां तक ​​कि प्रसव पीड़ा के दौरान भी, अपने पति की यौन इच्छा को पूरा करने से मना नहीं करना चाहिए। वीडियो में अंसारी ने कहा हे मुस्लिम महिला! यदि आप अपने पति को अपने शरीर का (यौन रूप से) लाभ उठाने की अनुमति नहीं देती हैं, तो आप एक गंभीर पाप कर रही हैं। पैगंबर के एक आदेश का हवाला देते हुए उन्होंने आगे कहा भले ही आप बच्चे को जन्म देने वाली हों और आपका पति आपके शरीर का आनंद लेना चाहता हो... तो आपको अपने पति की इच्छा पूरी करनी होगी। संतो का कहना है कि सभी धर्म को जन्म देने वाले भगवान श्री कृष्णा है। वह मुस्लिम कैसे हो सकते हैं। मौलाना को बताएंगे धर्म ग्रंथ में क्या लिखा है। हिंदू संगठन के शिशिर चतुर्वेदी एफआईआर करने हजरतगंज थाने जा रहे है।

प्रमुख खबरें

FIFA World Cup: England की हार पर Beckham का भावुक बयान, कहा- दिल तोड़ने वाला पल

तुम मुस्लिम हो? US में धर्म पूछकर भारतीय को 15 बार चाकू से गोदा

करदाताओं को बड़ी राहत! सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बढ़ाया कॉस्ट इन्फ्लेशन इंडेक्स (CII), ऐसे घटेगा आपका टैक्स बोझ

Sanjay Raut का सरकार को दो टूक, Delimitation पर INDIA Alliance एकजुट, एकतरफा फैसला मंजूर नहीं