मायावती का ब्राह्मण सम्मेलन आयोजित करना अवसरवादी राजनीति का उदाहरण: अनिल राजभर

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 18, 2021

बलिया (उप्र)। उत्तर प्रदेश सरकार के दिव्यांग जन सशक्तिकरण मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता अनिल राजभर ने रविवार को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्‍यक्ष मायावती पर वातानुकूलित कमरे से ट्विटर व सोशल मीडिया पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘‘मायावती अपने राजनीतिक अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही हैं और बसपा का ब्राह्मण समाज का सम्मेलन आयोजित करना अवसरवादी राजनीति का उदाहरण है।’’ दिव्यांग जन सशक्तिकरण मंत्री राजभर ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में बसपा मुखिया मायावती पर निशाना साधा।

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उन्हें जनता की समस्याओं पर कभी संघर्ष नहीं करना है और न किसानों पर कभी बात करनी है। दलितों की हालत देखने के लिए भी वह कभी नहीं निकलती। वह वातानुकूलित बंद कमरे से ट्विटर व सोशल मीडिया पर राजनीति करती हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या वह (मायावती) कभी सड़क पर उतरी हैं, सड़क पर उतरकर कभी कोई आंदोलन करते दिखाई दीं, वह इतिहास हो गई हैं तथा अब अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही हैं। राजभर ने उत्तर प्रदेश के विधानसभा के आगामी चुनाव में साढ़े तीन सौ सीट पर जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर राज्य मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में किसानों का कर्जा वापस लिया जाता है तो सपा की सरकार बनने पर राज्य मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में आतंकवादियों के विरुद्ध मुकदमे वापस लिये जाते हैं।

उन्होंने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर को धोखेबाज करार देते हुए कहा कि राजभर महाराजा सुहेलदेव के नाम पर पार्टी बनाते हैं तथा जिन मूल्यों को लेकर महाराजा सुहेलदेव ने जीवनपर्यंत लड़ाई लड़ी, ओम प्रकाश राजभर उन मूल्यों को तिलांजलि दे देते हैं। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा के आगामी चुनाव के बाद ओम प्रकाश राजभर का राजनीतिक अस्तित्व समाप्त हो जायेगा।

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