Rajya Sabha Election | एमपी में कांग्रेस को बड़ा झटका! मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, जानें कौन हैं BJP के महेश केवट जिनका राज्यसभा जाना अब तय

By रेनू तिवारी | Jun 10, 2026

मध्य प्रदेश की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य में राज्यसभा चुनाव की स्क्रूटनी (नामांकन पत्रों की जांच) के दौरान कांग्रेस पार्टी को एक बहुत बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। चुनाव आयोग (EC) ने कांग्रेस की आधिकारिक उम्मीदवार और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द कर दिया है। इस नाटकीय घटनाक्रम के बाद अब मध्य प्रदेश की खाली हो रही तीनों राज्यसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का पूरी तरह से कब्जा होना साफ हो गया है। कांग्रेस प्रत्याशी का पर्चा खारिज होने से भाजपा के तीसरे उम्मीदवार महेश केवट की निर्विरोध जीत का रास्ता साफ हो गया है।

भारतीय जनता पार्टी ने पहले ही मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्रों पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। भाजपा का आरोप था कि नटराजन ने अपने हलफनामे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाई हैं और दस्तावेजों में तकनीकी खामियां हैं। छिपाई भाजपा की मुख्य आपत्ति यह थी कि मीनाक्षी नटराजन ने तेलंगाना की एक अदालत में अपने खिलाफ लंबित (Pending) एक कानूनी मामले का खुलासा नामांकन पत्र में नहीं किया था। चुनाव अधिकारियों ने गहन जांच के बाद भाजपा की इस आपत्ति को सही पाया और नियमों के तहत नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया। इस फैसले के साथ ही राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की चुनौती पूरी तरह समाप्त हो गई। 

महेश केवट कौन हैं?

महेश केवट BJP के एक अनुभवी नेता हैं, जो लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और पार्टी के संगठनात्मक नेटवर्क से जुड़े रहे हैं। इस हफ़्ते की शुरुआत में, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केवट की दशकों की जनसेवा और वैचारिक प्रतिबद्धता की तारीफ़ की थी।

यादव के अनुसार, केवट बचपन से ही RSS से जुड़े रहे हैं और उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) व BJP की युवा शाखा में कई ज़िम्मेदारियां निभाई हैं। उन्होंने संघ परिवार के भीतर भी अलग-अलग भूमिकाओं में काम किया है।

केवट की सामाजिक पृष्ठभूमि का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका नॉमिनेशन हिंदू पौराणिक कथाओं में सम्मानित व्यक्ति निषाद राज से जुड़ी विरासत को आगे बढ़ाने वाला है। केवट पहले मध्य प्रदेश मछुआरा कल्याण बोर्ड के चेयरमैन भी रह चुके हैं।

केवट इससे पहले टीकमगढ़ में ज़िला उपाध्यक्ष और ज़िला मंत्री रह चुके हैं, और पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति से भी जुड़े रहे हैं।

मीनाक्षी नटराजन का नॉमिनेशन क्यों रद्द किया गया?

BJP ने आरोप लगाया था कि नटराजन के नॉमिनेशन पेपर्स में कई कमियां थीं और कुछ जानकारियां छिपाई गई थीं। पार्टी की मुख्य आपत्तियों में से एक तेलंगाना की अदालत में लंबित एक कानूनी मामले का खुलासा न करना था।

खबरों के मुताबिक, चुनाव अधिकारियों ने जांच प्रक्रिया के दौरान इन आपत्तियों को स्वीकार कर लिया, जिससे नटराजन का नॉमिनेशन रद्द हो गया और राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की चुनौती लगभग खत्म हो गई। अब तीनों सीटों पर BJP की जीत पक्की

कांग्रेस उम्मीदवार के रेस से बाहर होने के बाद, अब BJP का मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीनों सीटों पर बिना किसी मुकाबले के जीतना तय हो गया है।

पार्टी के पास पहले से ही अपने दो अन्य उम्मीदवारों - तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल - के चुनाव को पक्का करने के लिए ज़रूरी विधायी समर्थन था। नटराजन का नॉमिनेशन रद्द होने के बाद, महेश केवट को BJP का तीसरा सफल उम्मीदवार घोषित किए जाने की उम्मीद है, जिससे राज्य के राज्यसभा चुनावों में सत्ताधारी पार्टी को पूरी जीत मिलेगी। 

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